भोपाल , नवम्बर 11 -- मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के जंबूरी मैदान में आयोजित सरपंच सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पंचायत प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि अगर कोई सचिव काम नहीं करेगा तो उसे हटा देंगे। सचिव-सहायक सचिव की क्या औकात है? पंचायतों की असली ताकत सरपंचों के पास है। उन्होंने कहा कि सरपंच के मामलों में अगर कोई दिक्कत आती है तो उसे ठीक करने का काम सरकार का है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत प्रणाली में सरपंचों के पास वह अधिकार हैं जो बड़े पदों पर बैठे लोगों के पास भी नहीं। एक पंचायत के हर घर की गिनती सरपंच के पास रहती है। प्रदेश की तस्वीर और तकदीर बदलने का काम पंचायतों के बिना संभव नहीं है।
सीएम ने दिल्ली ब्लास्ट के मृतकों के लिए दो मिनट का मौन रखवाया और श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति के साथ दुश्मन भी नए-नए तरीके से बाधा डालते हैं, लेकिन सरकार हर चुनौती से निपटने को तैयार है।
सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने बताया कि 24 से 26 नवम्बर तक भोपाल में त्रिस्तरीय पंचायत सम्मेलन आयोजित होगा। उन्होंने कहा कि 2026 तक हर गांव में शांति धाम (श्मशान घाट) का निर्माण किया जाएगा और 2026 को कृषि उद्योग वर्ष के रूप में मनाया जाएगा।
पंचायत मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने सरपंचों को 25 लाख रुपए तक के कार्यों की स्वीकृति का अधिकार दिए जाने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पंचायतों में रिकॉर्ड रूम बनाना आवश्यक है ताकि गांव का पूरा इतिहास संरक्षित रहे। साथ ही उन्होंने बताया कि सहायक सचिव की एसीआर में उपस्थिति का निर्धारण अब सरपंच करेंगे, जिसके आधार पर वेतन मिलेगा।
पटेल ने कहा कि नामांतरण के अधिकार पंचायतों से वापस क्यों लिए गए, इस पर भी विचार होगा और वे इसके लिए राजस्व मंत्री को पत्र लिखेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि दिसंबर 2026 तक जो पंचायतें श्मशान घाट निर्माण पूरा नहीं करेंगी, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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