पटना , जनवरी 20 -- बिहार भवन निर्माण विभाग के सचिव कुमार रवि की अध्यक्षता में मंगलवार को राजस्तरीय समीक्षा बैठक की गई।
बैठक में भवन निर्माण विभाग एवं बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड द्वारा क्रियान्वित विभागीय सहित 19 विभागों की योजनाओं की समीक्षा कर परियोजनाओं की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली गई।
बैठक के दौरान प्रशासी विभागों की योजनाओं के कार्यों में तेजी लाने, कार्य योजना के अनुसार पीछे चल रही योजनाओं को तेजी से पूर्ण करने एवं योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं के निराकरण के लिये गहन समीक्षा की गई। विभिन्न जिलों के मंडल कारा में हो रहे निर्माण को तेजी से पूर्ण करने को लेकर कार्यपालक अभियंताओं को आवश्यक निर्देश दिया गया। उन्हें निर्देश दिया गया कि कार्य पूर्ण होने पर हैंडओवर की प्रक्रिया भी पूर्ण करें।
श्री रवि ने कहा कि लंबित परियोजनाओं के निर्माण में देरी होने के चलते संवेदकों को डिबार करें। विभिन्न अभियंत्रण महाविद्यालयों में अतरिक्त भवनों के निर्माण के लिये भी निदेशित किया गया। उन्होंने कहा कि समय से निर्माण पूर्ण करें और इसके लिए अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा। इसके बाद अनुसूचित जाति एवं जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए निर्माण किए जा रहे विद्यालयों एवं छात्रावास की भी समीक्षा की गई। सचिव श्री रवि को अवगत कराया गया कि कई विद्यालयों का निर्माण जल्द पूर्ण कर लिया जाएगा। अररिया, नवादा, कैमूर सहित सात जिलों में अटल कला भवनों का निर्माण किया जाना है, प्रत्येक कला भवन की क्षमता 620 होगी। राजगीर खेल परिसर के बचे कार्यों को तेजी से पूर्ण किया जा रहा है। साथ ही अन्य खेल संरचनाओं के निर्माण में तेजी लाने का निदेश दिया गया।
बिहार पशु विज्ञान विश्विद्यालय के शेष भवनों का निर्माण कार्य को समय से पूर्ण करने का निदेश दिया गया। वहीँ, भवन निर्माण विभाग द्वारा 2615 पंचायत सरकार भवन का निर्माण किया जा रहा है, जिनमें से 327 पंचायत सरकार भवन का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है। अगले दो-तीन महीनों में 1000 पंचायत सरकार भवनों का निर्माण पूर्ण करने का आश्वासन दिया है। सचिव ने निर्देश दिया कि इन भवनों का निर्माण तेजी से पूर्ण करें। नालंदा, लखीसराय, भोजपुर, दरभंगा सहित अन्य जिलों में सहकार भवन के कार्यों की समीक्षा की गई। इसके अलावा प्रखंड सह अंचल कार्यालय भवन निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई। भवन निर्माण विभाग द्वारा राज्य के 240 प्रखंडों में प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय एवं 59 प्रखंडों में प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय एवं आवासीय परिसर भवनों का निर्माण किया जा रहा है।
सचिव ने अभियंताओं से स्थल समस्या से संबंधित रिपोर्ट मांगी, जिससे समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा सके। भवन निर्माण विभाग सहित 19 विभागों की समीक्षा के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित कराने के लिये गुणवत्ता अनुश्रवण की रिपोर्ट की समीक्षा की गई।
भवन निर्माण विभाग के सचिव ने अभियंताओं को निर्देश दिया कि गुणवत्तापूर्ण निर्माण के लिये अभियंताओं एवं संवेदकों के साथ महीने में दो बार बैठक करें। कार्यपालक अभियंता एवं संवेदक की जिम्मेदारी तय करें जिससे भवनों की गुणवत्ता सुनिश्चत हो। विभाग ने भवनों के निर्माण में ईंट, टाइल्स, बालू, छड़ जैसे सामग्रियों की गुणवत्ता की जांच विभाग की केंदीय प्रयोगशाला में कराने के लिये अभियंताओं को निदेश दिया। निर्माण सामग्री मानक के अनुरूप हो जिससे निर्माण में उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके। कार्यपालक अभियंताओं को ऑनलाइन पोर्टल पीआईएमएस को अपडेट करने के लिए कहा गया। पीआईएमएस पोर्टल पर डाले गए डेटा का उच्च स्तर पर निगरानी की जाएगी।
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