सक्ती, जनवरी 02 -- छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के जमगहन गांव में आयोजित तीन दिवसीय अखिल भारतीय रामनामी बड़ा भजन मेला कल से शुरू हुआ जहां श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक समरसता का अद्भुत संगम बनकर उभरा है। मेले में देशभर से आए रामनामी समाज के अनुयायी भगवान राम के नाम की अखंड साधना में लीन नजर आ रहे हैं।
इस भव्य धार्मिक आयोजन के माध्यम से यह संदेश दिया जा रहा है कि भगवान राम केवल अयोध्या तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे प्रत्येक भक्त के कण-कण और रग-रग में विराजमान हैं। मेला स्थल पर चारों ओर "राम-राम" की गूंज सुनाई दे रही है, जिससे पूरा वातावरण पूर्णतः राममय हो गया है।
मेले की सबसे विशिष्ट पहचान रामनामी जैतखंभ (जय स्तंभ) है। इसी जैतखंभ के चारों ओर बैठकर रामनामी समाज के लोग घुंघरुओं की मधुर ध्वनि के साथ सामूहिक रूप से राम भजनों का गायन कर रहे हैं। यह दृश्य न केवल आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर है, बल्कि समाज की एकता और परंपरा को भी दर्शाता है।
अखिल भारतीय रामनामी समाज मेला समिति एवं स्थानीय विधायक राम कुमार यादव की पहल पर विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया है। इस भंडारे में प्रतिदिन दस हजार से अधिक श्रद्धालुओं के लिए भोजन की व्यवस्था की जा रही है, जो सेवा, सहयोग और सामाजिक समरसता की भावना को सशक्त रूप से प्रस्तुत करता है।
यह अखिल भारतीय रामनामी भजन मेला न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि सामाजिक एकता, सेवा और सद्भाव का प्रेरक उदाहरण भी बन चुका है।
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