चंडीगढ़ , फरवरी 10 -- प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा लोकसभा सचिवालय को यह निर्देश देना कि पीएम केयर्स फंड, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष और राष्ट्रीय रक्षा कोष से जुड़े विषयों पर संसद में प्रश्न नहीं पूछे जा सकते, लोकतंत्र और संसदीय परंपराओं के लिए गंभीर चिंता का विषय है। यह बात सिरसा की सांसद, कुमारी सैलजा ने यहां जारी एक बयान में कही।
कुमारी सैलजा ने कहा कि संसद जनता की सर्वोच्च आवाज़ है और जनप्रतिनिधियों को जनहित से जुड़े हर विषय पर प्रश्न पूछने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है। सार्वजनिक धन से संचालित कोषों पर सवाल उठाना पारदर्शिता और जवाबदेही का अहम हिस्सा है। यदि संसद में ही इन विषयों पर चर्चा और प्रश्नों को रोका जाएगा, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था की आत्मा को कमजोर करने जैसा होगा।
उन्होंने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि संसदीय कार्य संविधान के अनुसार संचालित होंगे या फिर सरकारी आदेशों के आधार पर। संसद में प्रश्न पूछना लोकतंत्र को मजबूत करने का माध्यम है, न कि सरकार के लिए असुविधा का कारण।
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