जयपुर , मार्च 09 -- राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागडे और मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा मंगलवार को यहां विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी की पहल पर विधानसभा में गत दो वर्षों में किए गए महत्वपूर्ण नवाचारों, सुधारों और संसदीय परंपराओं के सुदृढ़ीकरण को समर्पित पुस्तक "संसदीय संस्कृति का उत्कर्षः नवाचारों के दो वर्ष" का विमोचन करेंगे।
इस अवसर पर कांस्टीट्यूशन क्लब ऑफ राजस्थान में आयोजित समारोह में संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सहित प्रदेश की संवैधानिक, राजनीतिक और सामाजिक जीवन से जुड़े अनेक विशिष्ट लोग मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम में राज्य के विधायक, संसदीय कार्य से जुड़े विशेषज्ञ, शिक्षाविद् तथा विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य नागरिक भी भाग लेंगे।
राजस्थान विधानसभा सचिवालय द्वारा प्रकाशित यह पुस्तक श्री देवनानी द्वारा पिछले दो वर्षों के दौरान किए गए नवाचारों, संसदीय कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनोन्मुख बनाने के प्रयासों तथा संसदीय मूल्यों को सुदृढ़ करने की दिशा में उठाए गए कदमों का विस्तृत दस्तावेज है। पुस्तक में विधानसभा की कार्यसंस्कृति को अधिक समृद्ध और सशक्त बनाने के लिए की गई नई पहलों को बताया गया है।
श्री देवनानी ने बताया कि यह प्रकाशन न केवल राजस्थान विधानसभा की कार्यप्रणाली के विकास की एक महत्वपूर्ण झलक प्रस्तुत करता है बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं के सुदृढ़ीकरण तथा संसदीय परंपराओं के संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम के दौरान श्री देवनानी की कृति सनातन संस्कृति की अटल दृष्टि पर भी चर्चा होगी। पुस्तक के विमोचन के साथ-साथ संसदीय संस्कृति के महत्व, लोकतांत्रिक मूल्यों की प्रासंगिकता तथा विधानमंडल की भूमिका पर भी विचार व्यक्त किए जाएंगे।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित