नयी दिल्ली , नवंबर 19 -- दिल्ली के समाज कल्याण मंत्री रविन्द्र इन्द्राज सिंह ने बुधवार को कहा कि संविधान की मूल भावना को आत्मसात कर 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प पूरा किया जा सकता है।

श्री सिंह ने आज यहाँ श्यामा प्रसाद मुखर्जी महिला महाविद्यालय में एक कार्यक्रम में कहा , "भारत रत्न बाबा साहेब आम्बेडकर ने संविधान के जरिये न केवल अधिकार दिए, बल्कि भविष्य की दिशा तय करने वाला संविधान देकर देश की नींव को मजबूत किया।हमारा विश्वास है कि वर्ष 2047 तक भारत को विश्वगुरु और विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प भी संविधान की मूल भावना को आत्मसात कर ही पूरा किया जा सकता है।"उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने अनेक कठिनाइयों के बीच विश्व में सबसे अधिक चर्चा का विषय बनने वाला ऐसा संविधान लिखा जो हर कमजोर और वंचित वर्ग को सुरक्षा और समानता देता है। उन्होंने छात्राओं से आग्रह किया कि पढ़ाई के साथ संविधान और देश के महापुरुषों के योगदान को भी जानें। युवा पीढ़ी को अपने अधिकारों और कर्तव्यों दोनों के प्रति सजग होना चाहिए और अन्य लोगों को भी जागरूक करना चाहिए ताकि समाज का प्रत्येक वर्ग समान अवसर प्राप्त करे। उन्होंने कहा, "हमें केवल संविधान को जानना नहीं है बल्कि संविधान को निभाना भी आवश्यक है।"कैबिनेट मंत्री ने कहा कि हाल ही में दिल्ली सरकार ने भारतीय संस्कृति और राष्ट्रीय चेतना के प्रतीक राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' के 150 वर्ष पूरे होने पर भव्य आयोजन किया और अब संविधान दिवस पर भी दिल्ली में पहली बार आयोजन होने जा रहा है।

उन्होंने पहली बार संविधान दिवस मनाने की पहल के लिए कॉलेज स्टाफ को बधाई देते हुए कहा कि आपने संस्कृति और संविधान दोनों को एक मंच पर संजोने का काम किया है।

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