तिरुवनंतपुरम , जनवरी 26 -- केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने गणतंत्र दिवस के मौके पर लोगों को बधाई दी और संविधान और देश की लोकतांत्रिक नींव की रक्षा के लिए नये सिरे से सामूहिक संकल्प लेने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि गणतंत्र दिवस भारत के एक संप्रभु, लोकतांत्रिक गणराज्य बनने की गौरवपूर्ण यादें दिलाता है। उन्होंने कहा कि देश अभी एक ऐसे दौर से गुजर रहा है जिसमें संविधान का सार और लोकतांत्रिक मूल्यों को गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जिसमें धर्मनिरपेक्षता को खत्म करने और संविधान द्वारा बनाए गए संघीय सिद्धांतों को कमजोर करने के जानबूझकर प्रयास किए जा रहे हैं।

श्री विजयन ने कहा कि संविधान सिर्फ कानूनों की किताब नहीं है, बल्कि भारत के विचार की आत्मा है जो विविधता का जश्न मनाता है और समानता और न्याय की गारंटी देता है। उन्होंने कहा कि यह दिन नागरिकों को उन ताकतों के प्रति सतर्क रहने की जरूरत की याद दिलाता है जो "विविधता में एकता" के विजन को कमजोर करना चाहती हैं और एक समान विचारधारा थोपना चाहती हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक मजबूत केंद्र और सशक्त और संतुष्ट राज्यों की संघीय अवधारणा गंभीर दबाव में है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्यों के वित्तीय अधिकारों में कटौती करने के उपाय और संवैधानिक संस्थानों का राजनीतिक हथियारों के रूप में इस्तेमाल संघीय व्यवस्था को कमजोर कर रहा है।

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