नई दिल्ली , फरवरी 20 -- संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने शुक्रवार को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के विज्ञान-आधारित वैश्विक शासन का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट और साक्ष्य-आधारित नियम आवश्यक हैं ताकि नवाचार से मानवता को लाभ हो, मानवाधिकारों की रक्षा हो और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तकनीकी तालमेल संभव हो सके।
श्री गुटेरेस ने 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' को संबोधित करते हुए एआई विकास की अभूतपूर्व गति पर प्रकाश डाला और चेतावनी दी कि "एआई सीमाओं पर नहीं रुकता है, और कोई भी राष्ट्र अकेले इसके प्रभावों को पूरी तरह से नहीं समझ सकता है।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नीतियां अटकलों, प्रचार या दुष्प्रचार पर आधारित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने देशों से साझा तकनीकी मानकों को अपनाने का आग्रह किया ताकि उस बिखराव को रोका जा सके जो लागत बढ़ा सकता है, सुरक्षा को कमजोर कर सकता है और वैश्विक विभाजन को गहरा कर सकता है।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने 'कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक पैनल' के गठन का विचार दिया। यह एक बहुविषयक और वैश्विक स्तर पर विविध निकाय है जिसे अर्थव्यवस्थाओं और समाजों पर एआई के वास्तविक प्रभावों का आकलन करने का कार्य सौंपा गया है। संयुक्त राष्ट्र महासभा की इस समिति में 40 विशेषज्ञ हैं, जो नीति निर्माण के लिए एक साझा साक्ष्य आधार प्रदान करेंगे और जुलाई में 'एआई शासन पर वैश्विक संवाद' से पहले अपनी पहली रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।
श्री गुटेरेस ने कहा, "जब हम प्रणालियों के परीक्षण और जोखिमों के मापन के तरीकों पर सहमत होते हैं, तो हम तकनीकी तालमेल बनाते हैं। इससे नई दिल्ली का एक स्टार्टअप आत्मविश्वास के साथ वैश्विक स्तर पर विस्तार कर सकता है।"उन्होंने आगे कहा, "एक बार जब हम यह समझ जाते हैं कि प्रणालियां क्या कर सकती हैं और क्या नहीं, तो हम कच्चे उपायों से बेहतर और जोखिम-आधारित सुरक्षा मानकों की ओर बढ़ सकते हैं। ऐसे सुरक्षा मानक जो लोगों की रक्षा करते हैं, मानवाधिकारों को बनाए रखते हैं और मानवीय गरिमा को सुरक्षित रखते हैं। ये मानक विश्वास पैदा करते हैं और व्यवसायों को स्पष्टता प्रदान करते हैं ताकि नवाचार सही दिशा में तेजी से आगे बढ़ सके। विज्ञान-आधारित शासन, प्रगति पर लगाम नहीं है, बल्कि यह समाधानों के लिए एक उत्प्रेरक है। एआई हमें बच्चों पर होने वाले खतरों से लेकर श्रम बाजार और बड़े पैमाने पर होने वाले हेरफेर तक के शुरुआती प्रभावों का अनुमान लगाने में मदद करता है, ताकि देश तैयारी कर सकें, सुरक्षा कर सकें और लोगों में निवेश कर सकें।"श्री गुटेरेस ने विज्ञान-आधारित शासन को एक गतिवर्धक के रूप में वर्णित किया, जो जोखिम-आधारित सुरक्षा मानकों को सक्षम बनाता है। उन्होंने राष्ट्रों से "कम प्रचार, कम डर और अधिक तथ्यों व साक्ष्यों" को अपनाने का आग्रह करते हुए अपनी बात समाप्त की। उन्होंने एआई को संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए एक विश्वसनीय इंजन के रूप में प्रस्तुत किया, जिसके केंद्र में मानवीय निगरानी और जवाबदेही होनी चाहिए।
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