नयी दिल्ली , जनवरी 07 -- सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी संयुक्त अरब अमीरात और श्रीलंका की दो देशों की यात्रा के अंतिम चरण में बुधवार को श्रीलंका पहुंच गये।
दो दिन की आधिकारिक यात्रा पर श्रीलंका गये जनरल द्विवेदी श्रीलंका के वरिष्ठ सैन्य और नागरिक नेतृत्व से मुलाकात करेंगे जिनमें श्रीलंका सेना के कमांडर, उप रक्षा मंत्री और रक्षा सचिव शामिल हैं। इस दौरान प्रशिक्षण सहयोग, क्षमता निर्माण और क्षेत्रीय सुरक्षा सहित आपसी हितों से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।
जनरल द्विवेदी डिफेंस सर्विसेज कमान और स्टाफ कॉलेज में अधिकारियों को संबोधित करेंगे और बुट्टाला स्थित आर्मी वॉर कॉलेज में अधिकारियों तथा प्रशिक्षुओं से संवाद करेंगे। उनकी यात्रा श्रीलंका के साथ रक्षा शिक्षा और पेशेवर सैन्य आदान-प्रदान के प्रति भारत की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
जनरल द्विवेदी 'भारतीय शांति रक्षा सेना' युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित कर भारतीय सैनिकों के सर्वोच्च बलिदान को नमन भी करेंगे।
रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा है कि सेना प्रमुख की अमीरात और श्रीलंका यात्रा भारत की हिन्द महासागर क्षेत्र और पश्चिम एशिया में मित्र राष्ट्रों के साथ रक्षा सहयोग मजबूत करने, आपसी विश्वास बढ़ाने और अंतरसंचालन क्षमता को सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता को दोहराती है।
सेना ने बुधवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा , " जनरल उपेंद्र द्विवेदी, संयुक्त अरब अमीरात की यात्रा पूरी कर आधिकारिक यात्रा पर श्रीलंका रवाना पहुंचे। यह यात्रा आपसी समझ बढ़ाने, साझा हितों के क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करने और द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को और मजबूत करने के लिए दोनों देशों की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह यात्रा ऑपरेशन सागर बंधु की पृष्ठभूमि में हो रही है, जो हमारे स्थिर साझेदार के साथ भारत के स्थायी भाईचारे को दर्शाती है।"भारतीय सेना की इंजीनियर टास्क फोर्स ने श्रीलंका में हाल ही में आये दितवा चक्रवात के कारण बंद पड़े बी-492 राजमार्ग पर 100 फुट लंबे बेली ब्रिज का निर्माण किया है, जिससे मध्य प्रांत (कैंडी) और उवा प्रांत (बदुल्ला) के बीच महत्वपूर्ण सड़क संपर्क बहाल हुआ।
यह पुल श्रीलंका में तूफान के कारण हुई भारी तबाही के बाद ऑपरेशन सागर बंधु के तहत बनाया गया। मानवीय सहायता के तहत भारतीय सेना, श्रीलंका सेना और रोड डेवलपमेंट अथॉरिटी के समन्वय से बाधित संपर्क मार्गों को बहाल करने के लिए महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग सहायता प्रदान कर रही है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित