चंडीगढ़ , जनवरी 31 -- पंजाब विधान सभा के अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर पंजाब के प्रमुख मुद्दों को तुरंत हल करने की अपील की है।
श्री संधवां ने अपने पत्र में कहा कि 'पंजाब' कभी भारत का सबसे समृद्ध राज्य और देश का अन्नदाता था, लेकिन आज केंद्रीय से धन न मिलने के कारण व्यापक आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब को केंद्रीय निवेश और नीतिगत सहायता के मामले में उपेक्षित किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि वित्तीय अधिकारों में कमी और केंद्रीय करों में घटती हिस्सेदारी के कारण पंजाब की वित्तीय स्वायत्तता बुरी तरह प्रभावित हुई है, जो हमारे संविधान में दर्शाये गये सच्चे संघवाद की भावना को ठेस पहुंचाती है।
उन्होंने कहा कि पंजाब के मुद्दों में गंभीर जल संकट भी शामिल है। राज्य सतही पानी और भूजल की गंभीर कमी का सामना कर रहा है, जिसका कारण राज्य की नदियों पानी की अन्य राज्यों में अनुचित वितरण और पंजाब के अधिकार क्षेत्र में स्थित हेडवर्क्स पर नियंत्रण की कमी है। उन्होंने कहा कि पंजाब के की नदियों के पानी के वितरण में इस भेदभाव ने हमारे जल स्तर को चिंताजनक स्तर तक पहुंचा दिया है और जिसके कारण कृषि स्थिरता के लिए खतरा पैदा हो रहा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि प्रधानमंत्री का दौरा एक नया मोड़ लायेगा और उनकी अगुवाई में इन मुद्दों को तुरंत और सहानुभूतिपूर्वक हल किया जाएगा, जिसका पंजाब हकदार है।
श्री संधवा ने कहा कि शहीद भगत सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, एस.ए.एस. नगर (मोहाली) पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के लिए एक महत्वपूर्ण गेटवे के रूप में कार्य करता है, जबकि श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, अमृतसर, राज्य को दुनिया भर के पंजाबी प्रवासियों से जोड़ता है। उन्होंने चंडीगढ़ और अमृतसर हवाई अड्डों से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की संख्या में तुरंत वृद्धि करने की प्रार्थना की। उड़ानों की संख्या में तुरंत वृद्धि से पर्यटन और व्यापार में वृद्धि होगी। उन्होंने केंद्र सरकार से मध्य पूर्वी देशों के साथ एक सड़क व्यापारिक संपर्क को कार्यान्वित करने की मांग की। ऐसा संपर्क हमारे कृषि उत्पादकों, व्यापारियों, विशेष रूप से उत्तरी क्षेत्र के लोगों को अपने ताजा उत्पाद, डेयरी और अन्य वस्तुओं को सीधे निर्यात करने में सक्षम बनाएगा, जिससे हमारे किसान समुदाय के लिए बेहतर कीमतें और आर्थिक समृद्धि सुनिश्चित की जा सकेगी।
श्री संधवां ने कहा कि वर्ष 2026 में श्री गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती का सुभाग्य अवसर आ रहा है। उन्होंने आदमपुर हवाई अड्डे, जालंधर (पंजाब), जो पंजाब के दोआबा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार है, का आधिकारिक रूप से नाम बदलकर 'श्री गुरु रविदास जी हवाई अड्डा' रखने की प्रार्थना की । उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि हवाई अड्डे का नाम बदलने के लिए जल्द से जल्द अनुमति दी जाये, ताकि इसका ऐलान श्री गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती संबंधी आयोजित होने वाले समारोहों के दौरान किया जा सके। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ को पंजाब को सौंपने की लंबे समय से लंबित मांग को हल किया जाना चाहिए। चंडीगढ़ वास्तव में पंजाब राज्य के किसानों से प्राप्त भूमि पर डिजाइन और विकसित किया गया था, जिन्होंने एक आधुनिक शहर के विकास के लिए अपनी उपजाऊ कृषि भूमि देकर बहुत बलिदान दिये।
श्री संधवा ने कहा कि ग्रामीण विकास फंड (आरडीएफ) जारी न करने या देरी से जारी होने के कारण राज्य में ग्रामीण बुनियादी ढांचे के विकास, रोजगार सृजन और समग्र आर्थिक विकास बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। पंजाब की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने, जीवन स्तर को बेहतर बनाने और राज्य सरकार को लोगों के प्रति अपनी विकास प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में सक्षम बनाने के लिए बकाया ग्रामीण विकास फंड (आरडीएफ) को तुरंत जारी करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने केंद्र सरकार से पंजाब के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए ऐसे विशेष पैकेज की घोषणा करने की जोरदार अपील की। उन्होंने कहा कि कई कैदी/ बंदी अपनी पूरी सजायें पूरी कर चुके हैं, लेकिन रिहाई प्रक्रियाओं में लंबी देरी के कारण अभी भी हिरासत में हैं। इसलिए उन्होंने प्रधानमंत्री से व्यक्तिगत हस्तक्षेप की प्रार्थना की ताकि यह सुनिश्चित किया जाये कि ऐसे सभी कैदी/बंदी, जिन्होंने अपनी सजायें पूरी कर ली हैं, को तुरंत रिहा किया जाये। उन्होंने मोगा-कोटकपूरा रेलवे लाइन को प्राथमिकता के आधार पर बुनियादी ढांचे के प्रोजेक्ट के रूप में तुरंत मंजूरी देने और इस संबंध में धन आवंटित करने की प्रार्थना की।
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