मथुरा , जनवरी 12 -- सोमवार को परिक्रमा मार्ग स्थित सुदामा कुटी आश्रम के संस्थापक साकेत वासी संत सुदामा दास महाराज के वृंदावन आगमन के शताब्दी महोत्सव एवं जगतगुरु रामानंदाचार्य महाराज की जयंती महोत्सव कुंभ मेला क्षेत्र में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के मध्य आयोजित किया जा रहा है। महोत्सव में देश-विदेश से लाखों की संख्या में भक्त पहुंच रहे हैं।

नाभा पीठाधीश्वर स्वामी सुतीक्ष्ण दास महाराज ने बताया कि सुदामा कुटी आश्रम के संस्थापक संत सुदामा दास महाराज वर्ष 1926 में वृंदावन आए थे, तभी से वह यहां गौ सेवा संत सेवा विप्र सेवा एवं दरिद्र नारायण की सेवा समित अन्य सेवा कार्यों में जुटे रहे यहां उन्होंने सुदामा कुटी आश्रम की स्थापना की। तभी से सुदामा कुटी भगवान की सेवा केसाथ-साथ पीड़ित मानवता की सेवा में समर्पित है।

स्वामी स्वामी राम दिनेशाचार्य महाराज ने कहा कि संत सुदामा दास महाराज ब्रज की अन्य विभूति थे। उन्होंने अपने जीवन में भागवत नाम के साथ-साथ सेवा कार्य को ही प्रमुखता दी। दशरथ महल अयोध्या के महंत बिंदु गद्याचार्य देवेंद्र प्रसादाचार्य ने कहा कि संत सुदामा दास महाराज के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालना सूर्य को दीपक दिखाने के समान है। महंत मोहनदास महाराज ने कहा कि संत सेवा, गौ सेवा, विप्र सेवा, वेद सेवा और पीड़ित मानवता की सेवा ही संत सुदामा दास महाराज के जीवन का एक मात्र उद्देश्य था। उनके द्वारा किए गए सेवा कार्यों को कभी बुलाया नहीं जा सकता है।

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