संतकबीरनगर , जनवरी 10 -- उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर में जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार सिंह व महिला सदस्य संतोष ने फाइनेंसर द्वारा कोरोना महामारी के दौरान ट्रक जबरन खिंचवा लेने के मामले का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए ट्रक की संपूर्ण कीमत 14 लाख 50 हजार रुपये 10 प्रतिशत ब्याज के साथ क्षतिपूर्ति के रूप में 18 लाख 40 हजार रुपये अतिरिक्त अदा करने का आदेश दिया है।
अधिकृत सूत्रों के अनुसार थाना महुली क्षेत्र के नीबा होरिल गांव निवासी बलवंत सिंह ने अद्विक लीगल कंसल्टेंसी के माध्यम से मुकदमा दाखिल कर कहा कि टाटा मोटर्स फाइनेंस सॉल्यूशंस लिमिटेड ग्राहकों को नए व पुराने वाहनों को क्रय करने के लिए ऋण प्रदान करता है। उन्होंने दिनांक 23 जनवरी 2019 को एक पुराना ट्रक रूपए 14 लाख 50 हजार में क्रय किया। उन्होंने टाटा मोटर्स से रूपए नौ लाख 22 हजार 897 फाइनेंस कराया। उन्हें ऋण का भुगतान रुपए 33 हजार 421 के 44 मासिक किस्तों में करना था। वह नियमित रूप से किस्त का भुगतान करते रहे। मार्च 2020 से कोरोना महामारी शुरू हो गई और जून 2020 तक किस्त नहीं जमा कर पाए। नवंबर 2020 में फाइनेंसर के कर्मचारी आए और जबरन ट्रक खींच ले गए। उनके कहने पर नवंबर माह का किस्त रूपए 34 हजार जमा भी किए। बावजूद इसके ट्रक वापस नहीं किया गया। थक हार कर उपभोक्ता आयोग की शरण ली।
आयोग ने सुनवाई पूरी करते हुए आदेशित किया है कि फाइनेंसर ट्रक की कीमत रूपए 14 लाख 50 हजार खींचे जाने की तिथि से वास्तविक भुगतान की तिथि तक 10 प्रतिशत ब्याज के साथ अदा करे तथा खींचे जाने की तिथि से आदेश की तिथि तक रूपए एक हजार प्रतिदिन के हिसाब से आर्थिक क्षतिपूर्ति के रुप में रुपए 18 लाख 30 हजार तथा वाद व्यय के रुप में रूपए 10 हजार अतिरिक्त 60 दिनों के भीतर अदा करे।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित