देहरादून, फरवरी 17 -- उत्तराखंड वन विकास निगम कर्मचारी संघ ने निगम में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और अधिकारियों की कथित मिलीभगत को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।

मंगलवार को देहरादून के लैंसडाउन चौक के निकट स्थित उत्तरांचल प्रेस क्लब में पत्रकारों से वार्ता करते हुए संघ के पदाधिकारियों ने दावा किया है कि निगम में खैर और हरे पेड़ों की अवैध कटान के जरिए 20 से 25 करोड़ रुपये तक का घोटाला किया गया, जबकि जिम्मेदार अधिकारियों ने कार्रवाई के बजाय दोषियों को संरक्षण दिया।

संघ के अनुसार लालकुआं डिपो संख्या 4 और 5 में 10 करोड़ रुपये से अधिक की अनियमितताएं सामने आई हैं, जिनकी जांच के आदेश तो दिए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला।

वहीं पश्चिमी क्षेत्र रामनगर में करीब 1.26 करोड़ रुपये और हरिद्वार खनन प्रभाग में वर्ष 2023-24 के दौरान 1.22 करोड़ रुपये के नुकसान का आरोप लगाया गया है।

कर्मचारी संघ प्रांतीय अध्यक्ष टीएस बिष्ट ने यह भी कहा कि वर्ष 2024-25 में विभिन्न गेटों पर लगभग 57 लाख रुपये के घोटाले उजागर हुए, जबकि टौंस लॉगिंग प्रभाग में करीब 8 करोड़ रुपये की अनियमितताओं की बात सामने आई है।

संघ का आरोप है कि खनन नीति 2016 और 2020 के प्रावधानों का उल्लंघन कर बिना आरएफआईडी प्रणाली वाले वाहनों से खनन कराया गया, जिससे सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचा।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित