श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर) , नवंबर 19 -- ऐतिहासिक गुरुद्वारा छठी पातशाही साहिब से गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित विशाल नगर कीर्तन बुधवारा को खालसा की जन्मभूमि श्री आनंदपुर साहिब के लिए रवाना हुआ। इस अवसर पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला उपस्थित रहे।
पंज प्यारों के नेतृत्व में सजाया गया नगर कीर्तन विभिन्न शहरों- जम्मू, पठानकोट, दसूहा, होशियारपुर, माहिलपुर, गढ़शंकर तथा अन्य नगरों से गुजरता हुआ 22 नवंबर को नौवें पातशाह जी द्वारा बसाए पवित्र नगर श्री आनंदपुर साहिब में संपन्न होगा। नगर कीर्तन 19 नवंबर की रात जम्मू, 20 नवंबर की रात पठानकोट और 21 नवंबर की रात होशियारपुर में पड़ाव डालेगा।
इससे पहले मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने गुरुद्वारा साहिब में माथा टेक कर सरबत के भले के लिए अरदास की। इस दौरान उन्होंने कहा कि नौवें सिख गुरु जी के 350वें शहीदी दिवस को मनाना हमारे सभी के लिए ऐतिहासिक पल हैं, जिन्होंने मानवता की रक्षा के लिए अद्वितीय शहादत दी। उन्होंने कहा कि हम सब सौभाग्यशाली हैं कि हमें अपने जीवन में इन महान आयोजनों का हिस्सा बनने का सुअवसर प्राप्त हुआ है। श्री केजरीवाल और श्री मान ने कहा कि अकाल पुरख ने इस महान कार्य में सेवा निभाने के लिए प्रदेश सरकार पर अपार कृपा की है और सरकार इस नेक कार्य में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेगी।
श्री मान और श्री केजरीवाल ने लोगों को श्री गुरु तेग बहादुर जी द्वारा समूची मानवता को दिखाए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब जी का शांति, मानवता, प्रेम और भाईचारे का विश्वव्यापी संदेश आज के दौर में भी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में पूरी तरह प्रासंगिक है। उन्होंने लोगों को गुरु जी की विचारधारा अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि यह महान विचारधारा पूरे देश को अटूट सामाजिक ताने-बाने से जोड़ने के लिए एकता की ताकत के रूप में उभरी है।
आप नेता श्री केजरीवाल और श्री मान ने कहा कि प्रदेश सरकार ने इस पवित्र मौके पर महान गुरु साहिब को श्रद्धांजलि और सम्मान भेंट करने के लिए भरपूर प्रयास किए हैं। उन्होंने कहा कि वे जम्मू-कश्मीर में सिख भाईचारे के समर्पण और श्रद्धा-भावना से बहुत प्रभावित हुए हैं। उन्होंने इस ऐतिहासिक आयोजन में संगत के साथ उपस्थिति के लिए जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का विशेष रूप से धन्यवाद किया।
दोनों आप नेताओं ने इस महान कार्य को संभव बनाने के लिए पंजाब सरकार और पंजाबियों की ओर से जम्मू-कश्मीर सरकार और सिख संगत का व्यक्तिगत रूप से भी धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब के शहीदी दिवस को मनाने के लिए पंजाब सरकार विभिन्न राज्यों में आयोजन कर रही है। उन्होंने बताया कि नौवें पातशाह जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित आयोजनों की शुरुआत 25 अक्टूबर को दिल्ली के गुरुद्वारा सीस गंज साहिब से हुई थी और उसी दिन गुरुद्वारा श्री रकाब गंज साहिब में विशाल कीर्तन दरबार आयोजित किया गया था।
श्री मान ने कहा कि एक से 18 नवंबर तक पंजाब के सभी जिलों में लाइट एंड साउंड शो आयोजित किये गये, जिसमें श्री गुरु तेग बहादुर जी के महान जीवन और दर्शन को दर्शाया गया। इसी तरह गुरु साहिब की चरण-छोह प्राप्त नगरों और शहरों में कीर्तन दरबार आयोजित किये जा रहे हैं और 18 नवंबर को श्रीनगर में कीर्तन दरबार हुआ। उन्होंने कहा कि विभिन्न दिशाओं से चार नगर कीर्तन सजाये जा रहे हैं और आज पहला नगर कीर्तन इसी धरती से शुरू हुआ, जो 22 नवंबर को श्री आनंदपुर साहिब में संपन्न होगा। बीस नवंबर को तख्त श्री दमदमा साहिब (तलवंडी साबो), फरीदकोट और गुरदासपुर से तीन नगर कीर्तन सजाए जाएंगे और ये सभी चारों नगर कीर्तन 22 नवंबर को श्री आनंदपुर साहिब में संपन्न होंगे। उन्होंने कहा कि 23 से 25 नवंबर तक श्री आनंदपुर साहिब में बड़े स्तर पर समागम होंगे। हजारों श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए पवित्र शहर में "चक्क नानकी" नामक टेंट सिटी स्थापित की जा रही है।
गुरु साहिब के जीवन और संदेश को उजागर करने वाली प्रदर्शनियां, ड्रोन शो के साथ अंतर-धर्म सम्मेलन भी होगा। 24 नवंबर को पंजाब विधान सभा का विशेष सत्र श्री आनंदपुर साहिब में होगा, जहां प्रमुख हस्तियां गुरु जी के जीवन, दर्शन और धार्मिक स्वतंत्रता और मानवीय अधिकारों के लिए उनकी महान कुर्बानी पर विचार साझा करेंगी। पच्चीस नवंबर को राज्य स्तरीय रक्तदान शिविर, वन विभाग द्वारा बड़े स्तर पर पौधारोपण अभियान के अलावा विशाल 'सरबत दा भला एकत्रीकरण' में कई प्रख्यात हस्तियां हिस्सा लेंगी।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित