जालंधर , जनवरी 21 -- पंजाब में जालंधर जिले के महल गांव में एक गुरुद्वारा साहिब में शरारती तत्वों द्वारा श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पवित्र हिस्सों को फाड़कर की गई बेअदबी की घटना का गंभीर संज्ञान लेते हुए, श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यवाहक जत्थेदार, ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़ग़ज्ज़ ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं।

ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़ग़ज्ज़ ने इस कृत्य की कड़ी निंदा करते हुए बुधवार को कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब सिखों के जीवित, शाश्वत गुरु हैं और हमारे अस्तित्व का आधार हैं। इसलिए गुरु साहिब के सम्मान और पवित्रता के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि 24 घंटे निगरानी सुनिश्चित करना और गुरुद्वारों के प्रबंधन को मजबूत और सुरक्षित बनाना एक सामूहिक जिम्मेदारी मानी जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि कई जगहों पर गुरुद्वारों के प्रबंधन में अभी भी ढिलाई है, जो यह दर्शाता है कि कुछ प्रबंधन के लिए, गुरु साहिब के सम्मान और आदर से ज्यादा व्यक्तिगत अधिकार और प्रभुत्व महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने सिख संगत से अपने-अपने गुरुद्वारों में लगातार सुरक्षा और निगरानी कैमरों के उचित कामकाज को सुनिश्चित करने के लिए कहा।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम कुछ शरारती तत्वों ने कथित तौर पर एक बच्चे से महल गांव के गुरुद्वारा साहिब में श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पवित्र हिस्सों की बेअदबी करवाई, जिससे सिख धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची और संगत में व्यापक गुस्सा फैल गया।

जत्थेदार गड़ग़ज्ज़ ने कहा कि उन्होंने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी ) के मुख्य सचिव और स्थानीय सदस्यों से बात की है, और उन्हें पूरी घटना की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने तख्त श्री केसगढ़ साहिब के हेड ग्रंथी, ज्ञानी जोगिंदर सिंह को भी निर्देश दिया है कि वे तुरंत तख्त साहिब से एक टीम के साथ घटनास्थल पर जाएं और गुरुद्वारा साहिब के समग्र प्रबंधन और बेअदबी की घटना पर एक रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने आगे कहा कि आज तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार, ज्ञानी टेक सिंह भी स्थिति का व्यापक जायजा लेने के लिए मौके पर पहुंचेंगे।

जत्थेदार ने पंजाब सरकार से इस बेअदबी की घटना में शामिल साज़िशकर्ताओं और मुख्य आरोपियों की तुरंत पहचान करके उन्हें सार्वजनिक करने और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने कहा कि यह जानकारी भी मिली है कि संबंधित गुरुद्वारा साहिब में व्यवस्थाएं श्री अकाल तख्त साहिब और एसजीपीसी द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार नहीं थीं। अगर ऐसा पाया जाता है, तो गुरुद्वारा प्रबंधन के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यह मामला कल देर रात जालंधर के गोराया के निकटवर्ती गांव माला का है। यहां के एक गुरुद्वारे में गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी हुई। आरोपियों ने पावन स्वरूप के छह पन्ने फाड़ दिए। इलाके में तनाव के बाद पुलिस उपाधीक्षक भारत मसीह भारी पुलिस दलबल के साथ गांव पहुंचे हैं। सिख जत्थेबंदियों ने इलाके में प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। जैसे-जैसे यह खबर आसपास के गांवों में फैला, बड़ी संख्या में संगत गुरुद्वारा साहिब में एकत्र होने लगी। लोगों में गहरा दुख और गुस्सा देखा जा रहा है। माहौल को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है और गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे।पुलिस ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं और आसपास के लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को भी खंगाला जा रहा है।

मीडिया से बातचीत करते हुए डीएसपी मसीह ने पुष्टि की कि पुलिस ने कुछ संदिग्ध नौजवानों को हिरासत में लिया है। इन युवकों से अज्ञात स्थान पर ले जाकर गहन पूछताछ की जा रही है। डीएसपी ने स्पष्ट किया कि पुलिस हर पहलू पर काम कर रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

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