अमृतसर , मार्च 31 -- श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय के प्रभारी, बागीचा सिंह ने हाल ही में बटालामें आयोजित एक गुरमत समागम के दौरान जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज के शूट किये गये एक वीडियो को कथित तौर पर तोड़-मरोड़ कर सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वाले शरारती तत्वों की कड़ी निंदा की है।

हाल ही में बटाला में एक गुरमत समागम आयोजित किया गया था, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया, जिसमें दावा किया गया कि जत्थेदार साहिब एक अकाली नेता के चरणों में झुक रहे हैं।

श्री बागीचा सिंह ने इस दावे को पूरी तरह खारिज करते हुए मंगलवार को बताया कि मंच सचिव के अनुरोध पर संगत को संबोधित करने के बाद जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज सिरोपा (सम्मान) प्राप्त करने के बाद बैठने ही वाले थे। इसी बीच मंच सचिव ने मंच पर मौजूद संबंधित अकाली नेता को बोलने के लिए आमंत्रित किया। अकाली नेता ने हालांकि यह कहते हुए मना कर दिया कि चूंकि जत्थेदार साहिब पहले ही सभा को संबोधित कर चुके हैं, इसलिए उन्हें बोलने की आवश्यकता नहीं है। पूरे वीडियो में अकाली नेता को माइक्रोफोन एक तरफ हटाते हुए भी देखा जा सकता है।

उन्होंने कहा कि सम्मानित जत्थेदार सिख सिद्धांतों और मर्यादा (धार्मिक आचार संहिता) का सख्ती से पालन करते हैं और किसी भी परिस्थिति में इसके विरुद्ध कार्य नहीं कर सकते। वायरल वीडियो में किये गये दावों का खंडन करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि यह चित्रण पूरी तरह गलत है कि माननीय जत्थेदार एक अकाली नेता के चरणों में झुके थे।

इसी दौरान, जत्थेदार गड़गज्ज, जो बैठने की प्रक्रिया में थे, अचानक फिर से खड़े हो गये और मंच पर मौजूद अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ शामिल हो गये। बागीचा सिंह ने कहा कि इस घटनाक्रम को दुर्भावनापूर्ण तरीके से संपादित किया गया और श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार के उच्च पद को बदनाम करने के लिए संदर्भसे बाहर प्रस्तुत किया गया, जो कि अस्वीकार्य है। उन्होंने भ्रामक वीडियो साझा करने वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को भी चेतावनी दी कि वे ऐसी हरकतों से बाज आयें और विकृत सामग्री को हटा दें।

सचिव ने कहा कि कुछ शरारती ताकतें सिख समुदाय के बीच श्री अकाल तख्त साहिब के अधिकार और सम्मानित जत्थेदारों के संबंध में भ्रम पैदा करके इसे कमजोर करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने खालसापंथ और संगत से ऐसी कोशिशों के खिलाफ सतर्क रहने का आह्वान किया।

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