अमृतसर , नवंबर 18 -- श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यवाहक जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने मंगलवार को श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी, भाई सती दास जी, भाई मति दास जी और भाई दयाला जी की शहादत की 350वीं वर्षगांठ को समर्पित खालसा पंथ के सहयोग से शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा 23 से 29 नवंबर तक श्री आनंदपुर साहिब में मनाये जाने वाले कार्यक्रमों के बारे में विस्तृत जानकारी साझा की।

जत्थेदार ने बताया कि शताब्दी समागमों के अंतर्गत 23 नवंबर को गुरुद्वारा सीस गंज साहिब, श्री आनंदपुर साहिब में श्री गुरु गोबिंद सिंह जी की 350वीं जयंती, 25 नवंबर को श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी और उनके नौ सिखों की 350वीं शहादत और 29 नवंबर को नौवें गुरु जी का सीस संस्कार दिवस मनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि चूंकि श्री गुरु तेग बहादुर साहिब और उनके सिख दिल्ली में शहीद हुए थे, इसलिए 25 नवंबर को गुरुद्वारा सीस गंज साहिब, दिल्ली में विशेष गुरमत समागम भी आयोजित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 25 नवंबर को गुरुद्वारा श्री सीस गंज साहिब, दिल्ली से शुरू होकर शहीद नगर कीर्तन 28 नवंबर को गुरुद्वारा बिबांगड़ साहिब, श्री कीरतपुर साहिब पहुंचेगा, जहां पूरे खालसा पंथ द्वारा स्वागत किया जाएगा और गुरु साहिब जी को नमन किया जाएगा। यह नगर कीर्तन 29 नवंबर को गुरुद्वारा बिबांगड़ साहिब से शुरू होकर गुरुद्वारा श्री आनंदपुर साहिब में संपन्न होगा।

जत्थेदार ने समूचे खालसा पंथ को न्योता दिया कि जिस तरह होला मोहल्ला के अवसर पर पंथ अपने वाहनों और ट्रैक्टर ट्रॉलियों पर खालसाई निशान साहिब लगाकर श्री आनंदपुर साहिब पहुंचता है, उसी तरह शताब्दी समारोह के दौरान भी अधिक से अधिक भागीदारी की जाए। इसी तरह समूचा खालसा पंथ 23 से 29 नवंबर तक अपने घरों और व्यावसायिक स्थानों पर खालसा निशान साहिब फहराये।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और तरनतारन से आम आदमी पार्टी के नेता हरमीत सिंह संधू द्वारा गुरु की गोलक और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के खिलाफ बार-बार की जा रही आपत्तिजनक टिप्पणियों के बारे में जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब में उनके खिलाफ शिकायतें प्राप्त हुई हैं और निकट भविष्य में पांचों सिंह साहिबानों की बैठक में इस मामले पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।

सिख तीर्थयात्रियों के साथ पाकिस्तान गयी एक महिला के भारत वापस न लौटने के मामले के बारे में, जत्थेदार ने कहा कि उस महिला का ऐसा करना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है और उसने सिख भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। उन्होंने कहा कि प्राप्त जानकारी के अनुसार उस महिला पर आपराधिक मामले दर्ज हैं, इसके बावजूद उसे जत्थे के साथ पाकिस्तान जाने की अनुमति कैसे दी गयी, उसका पासपोर्ट कैसे बना, यह स्पष्ट होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह सरकार का मामला है और इस मामले को आधार बनाकर सिख जत्थेबंदियों और श्रद्धालुओं को निशाना बनाना पूरी तरह से गलत है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में पाकिस्तान गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष एवं मंत्री रमेश सिंह अरोड़ा से बात की गयी है, जिन्होंने कहा है कि उनकी सरकार उस महिला को जल्द भारत वापस भेजने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सरकार को भी उस महिला को भारत वापस भेजना चाहिए, ताकि आने वाले जत्थों पर कोई विपरीत प्रभाव न पड़े।

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