श्रीगंगानगर , फरवरी 06 -- राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले के श्रीविजयनगर में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेतृत्व में स्थानीय निवासियों ने शुक्रवार को उपखंड अधिकारी (एसडीएम) कार्यालय का घेराव किया।
प्रदर्शनकारियों ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में काम शुरू करने, स्मार्ट मीटर की कथित अनियमितताओं को बंद करने और मेडिकल नशे और चिट्टे जैसे घातक मादक पदार्थ पर सख्त रोक लगाने की मांग की।
प्रदर्शनस्थल पर संबोधित करते हुए प्रमुख किसान नेता और माकपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता कामरेड श्योपतराम मेघवाल ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि मनरेगा के तहत मजदूरों द्वारा काम की मांग किए जाने के बावजूद उन्हें रोजगार नहीं प्रदान किया जा रहा है।
श्री मेघवाल ने कहा कि केंद्र सरकार 125 दिनों के रोजगार का दावा करती है, लेकिन हकीकत यह है कि वर्ष भर में लोगों को मुश्किल से 20 दिन का काम भी नहीं मिल पाता। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी और बेरोजगारी बढ़ रही है, और मजदूर परिवारों का गुजारा मुश्किल हो गया है।
उन्होंने मनरेगा को मजबूत करने और तत्काल काम शुरू करने की मांग की, ताकि स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों को गति मिल सके। श्री मेघवाल ने कहा कि मेडिकल नशा और चिट्टा (सिंथेटिक ड्रग्स) का कारोबार अब गली-गली और गांव-गांव में फैल चुका है। उन्होंने प्रशासन पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए कहा कि खुलेआम दुकानें चल रही हैं, जहां ये घातक पदार्थ बेचे जा रहे हैं, लेकिन प्रशासन कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा। इससे युवा पीढ़ी बर्बाद हो रही है और परिवार टूट रहे हैं।
पार्टी के सचिव गुरसेवकसिंह ग्रेवाल ने इस मुद्दे को और विस्तार से उठाया। उन्होंने कहा-मेडिकल नशा और चिट्टे जैसी समस्या से क्षेत्र की नौजवान पीढ़ी पूरी तरह तबाह हो रही है। सरकार और पुलिस विभाग इस पर नियंत्रण करने में पूरी तरह विफल साबित हो रहे हैं। हमें तत्काल विशेष अभियान चलाकर इन नशा तस्करों पर लगाम कसनी होगी अन्यथा समाज का भविष्य खतरे में पड़ जाएगा।
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