तिरुवनंतपुरम , जनवरी 05 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की वरिष्ठ नेता और केरल की पूर्व पुलिस महानिदेशक आर. श्रीलेखा ने तिरुवनंतपुरम नगर निगम के मेयर पद के फैसले को लेकर अपनी ही पार्टी के प्रति सार्वजनिक रूप से गहरी निराशा व्यक्त की है।

श्रीलेखा ने आरोप लगाया कि पार्टी नेतृत्व उन्हें दिए गए आश्वासन से पीछे हट गया है। उन्होंने कहा कि वह स्थानीय निकाय चुनाव में केवल इसलिए उतरी थीं, क्योंकि पार्टी नेतृत्व ने उन्हें स्पष्ट रूप से आश्वासन दिया था कि यदि निगम में भाजपा सत्ता में आती है, तो उन्हें भाजपा के मेयर उम्मीदवार के रूप में मनोनीत किया जाएगा।

पूर्व अधिकारी ने इस बात पर जोर दिया कि यह वादा उनके चुनाव लड़ने और सक्रिय रूप से प्रचार करने के फैसले के पीछे एक प्रमुख कारण था। हालांकि, केरल में पहली बार भाजपा के सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरने और तिरुवनंतपुरम नगर निगम पर नियंत्रण हासिल करने के बावजूद, श्रीलेखा को मेयर पद के लिए नामांकित नहीं किया गया। पार्टी ने इसके बजाय वी. वी. राजेश को चुना, जिन्हें बाद में भाजपा पार्षदों और एक स्वतंत्र सदस्य के समर्थन से मेयर चुना गया।

श्रीलेखा ने नेतृत्व के फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि चुनाव के बाद पार्टी ने अपना रुख बदल लिया, जिससे उनकी चुनावी जीत और राजनीतिक काम के बावजूद उन्हें किनारे कर दिया गया। उन्होंने टिप्पणी की कि जिन लोगों को विशिष्ट आश्वासनों पर चुनाव लड़ने और प्रचार करने के लिए कहा गया था, ऐसा लगता है कि लक्ष्य पूरा होने के बाद उन्हें भुला दिया गया।

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