श्रीनगर , मार्च 23 -- श्रीनगर की भ्रष्टाचार निरोधक अदालत ने 2010 के पुराने रिश्वतखोरी मामले में पूर्व तहसीलदार को दोषी ठहराया है।
श्रीनगर की भ्रष्टाचार निरोधक अदालत के विशेष न्यायाधीश डॉ तस्लीम आरिफ गनी ने सोमवार को चदूरा में तैनात रहे पूर्व तहसीलदार मोहम्मद अकरम खान को भ्रष्टाचार के मामले में दोषी पाया। यह मामला विजिलेंस ऑर्गनाइजेशन कश्मीर (वीओके), जिसे अब भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के नाम से जाना जाता है, ने दर्ज किया था। खान पुलवामा जिले के अरीपाल त्राल का निवासी है और वर्तमान में श्रीनगर के जवाहर नगर में रह रहा है।
एसीबी के अनुसार, इस मामले की शुरुआत 13 मई 2010 को दर्ज शिकायत से हुई थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि आरोपी ने संपत्ति विवाद को शिकायतकर्ता के पक्ष में सुलझाने के लिए 20,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए विजिलेंस ऑर्गनाइजेशन ने जाल बिछाया। इस दौरान आरोपी को रिश्वत की राशि स्वीकार करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया था।
इस कार्रवाई के बाद पुलिस स्टेशन विजिलेंस ऑर्गनाइजेशन कश्मीर में 2010 में मामला दर्ज किया गया था। जांच के बाद 22 अक्टूबर 2010 को अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया और मामला मुकदमे तथा न्यायिक कार्रवाई के लिए आगे बढ़ाया गया।
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