श्रीगंगानगर , दिसम्बर 04 -- राजस्थान में श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिले के नहरी क्षेत्र के सबसे बड़े किसान संगठन ग्रामीण मजदूर किसान समिति (जीकेएस) ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कल शुक्रवार को श्रीगंगानगर आगमन के दौरान लंबित समस्याओं के समाधान की मांग की है।
जीकेएस के प्रदेशाध्यक्ष रणजीतसिंह राजू, महासचिव संतवीरसिंह मोहनपुरा, जिलाध्यक्ष रामकुमार सहारण, संस्थापक सदस्य गुरदीपसिंह और गंगनहर परियोजना अध्यक्ष हरविंदरसिंह गिल ने गुरुवार को पत्रकारों से कहा कि वे मुख्यमंत्री का विरोध नहीं बल्कि स्वागत करेंगे, लेकिन कई वर्षों से चली आ रही मांगों पर ठोस घोषणा चाहते हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब में फिरोजपुर फीडर के पुनर्निर्माण के लिए सरकार ने जो कदम उठाया है, उसका स्वागत है, लेकिन निर्माण के दौरान वैकल्पिक पानी की पुख्ता व्यवस्था जरूरी है।
किसान नेताओं ने कहा कि जनवरी-फरवरी में गेहूं की फसल को पानी की सख्त जरूरत होती है, इसलिए या तो हुसैनीवाला बैराज से पुरानी बीकानेर और पूर्वी नहर के रास्ते पानी लाया जाए या नहरबंदी 15 मार्च से अप्रैल तक ही ली जाए। साथ ही गंगनहर के आरडी 45 से आगे के हिस्से का पुनर्निर्माण भी एक साथ कर दिया जाए ताकि किसानों को बार-बार परेशानी न उठानी पड़े।
किसान नेताओं ने बताया कि गंगनहर पानी वितरण के लिए बनी रेगुलेशन उप-समिति के निर्णयों को नहरी विभाग मनमाने ढंग से बदल देता है, जिससे चुने हुए प्रतिनिधियों ने इस्तीफे दे दिए हैं। उन्होंने कहा कि समिति के निर्णयों की सख्ती से पालना हो और जवाबदेही तय की जाए। नहर बंदी के दौरान बागवानी और गन्ना बिजाई प्रभावित न हो, इसके लिए गंगानगर क्षेत्र में विशेष पैकेज से सभी किसानों के खेतों में डिग्गी बनवाई जाएं, जिससे पेयजल संकट भी दूर हो जाएगा।
उन्होंने मांग की है कि घग्गर क्षेत्र में धान की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद बंद होने से किसानों को पंजाब ले जाकर धान बेचना पड़ा और वहां मुकदमे झेलने पड़े। राजस्थान में हर वर्ष धान की एमएसपी खरीद शुरू की जाए। गाजर मंडी के साथ ही विश्व प्रसिद्ध गंगानगरी किन्नू के लिए भी मंडी बनाई जाए और श्रीगंगानगर शुगर मिल की पेराई क्षमता बढ़ाई जाए ताकि आधा गन्ना पंजाब न ले जाना पड़े।
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