श्रीगंगानगर , दिसम्बर 15 -- राजस्थान में श्रीगंगानगर शहर में पिछले कुछ दिनों से मंदिरों और अन्य धार्मिक स्थलों में बढ़ती चोरी और सेंधमारी की घटनाओं के परिप्रेक्ष्य में शहर के करीब 10 प्रमुख मंदिरों की प्रबंधन समितियों के पदाधिकारियों और पुजारियों ने सोमवार को यहां पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन से मुलाकात की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार उन्होंने शहर के सभी प्रमुख मंदिरों और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रात के समय गश्त व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
हनुमानगढ़ मार्ग पर स्थित सदर थाना क्षेत्र के सुदामा नगर में 10 से अधिक मंदिर आसपास ही स्थित हैं। इनमें से कई मंदिरों के प्रतिनिधियों ने पुलिस अधीक्षक को एक संयुक्त प्रार्थना पत्र दिया गया। प्रार्थना पत्र में बताया गया कि पिछले कई दिनों से शहर में मंदिरों सहित अन्य धार्मिक स्थलों में सेंधमारी और चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं। असामाजिक तत्वों द्वारा मंदिरों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं में असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है। हाल ही में विगत शनिवार को सुबह तड़के चार बजे जवाहरनगर के सेक्टर नंबर तीन में स्थित श्री राम दरबार मंदिर में चोरों ने घुसपैठ की और दो दान पेटियां और एक साउंड स्पीकर बॉक्स चुरा लिया गया।
इससे पहले, एक सप्ताह पूर्व सद्भावना नगर की फ्लोरिडोल कॉलोनी में मेहंदीपुर बालाजी मंदिर में चोरी की एक बड़ी घटना हुई थी, जिसमें करीब 25 लाख रुपये मूल्य के स्वर्ण और चांदी के आभूषण और अन्य कीमती वस्तुएं चोरी हो गईं। हालांकि, पुलिस ने इस मामले में चोर को दो दिनों के भीतर गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति से चिंता बढ़ गई है।
पदाधिकारियों और पुजारियों ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि पहले सुदामा नगर क्षेत्र के मंदिरों में रात के समय सुरक्षा के लिए होमगार्ड तैनात रहते थे, जिससे चोरी की घटनाएं न के बराबर होती थीं। लेकिन अब ये क्षेत्र चोरों से सुरक्षित नहीं रह गए हैं। उन्होंने मांग की कि सुदामा नगर और अन्य प्रभावित क्षेत्रों में रात-दिन की गश्त व्यवस्था को मजबूत किया जाए।
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