श्रीगंगानगर , जनवरी 19 -- राजस्थान में श्रीगंगानगर मतदाता सूचियों का विशेष पुनरीक्षण अभियान अब श्रीगंगानगर जिले में अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूचियों को पूरी तरह अद्यतन और सटीक बनाना है, ताकि हर योग्य मतदाता का नाम बिना किसी छूट के सूची में शामिल हो सके और लोकतंत्र की प्रक्रिया मजबूत बने।
भारतीय जनता पार्टी द्वारा जिले में नियुक्त जिला संयोजक रतन गणेश गढ़िया ने सोमवार को इस अभियान की वर्तमान प्रगति पर विस्तार से जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि अभियान के प्रारंभिक चरण में जिले के सभी मतदाताओं को मतदाता फॉर्म वितरित किए गए थे और अब आंकड़ों की गहन पुष्टि के बाद कुछ महत्वपूर्ण मुद्दे सामने आए हैं।
श्री गणेशगढ़िया ने स्पष्ट किया कि इस अभियान के दौरान जिले में कुल 30 हजार 58 मतदाता "नो मैपिंग" श्रेणी में पाए गए हैं, जो कि एक ऐसी श्रेणी है जहां मतदाताओं का नाम वर्तमान सूची में तो दर्ज है, लेकिन 2002 की पुरानी मतदाता सूची से उनका सीधा लिंक या कनेक्शन सत्यापित नहीं हो पाया है। इन सभी प्रभावित मतदाताओं को संबंधित उपखंड अधिकारियों द्वारा औपचारिक नोटिस जारी किए गए थे, जिसमें उन्हें अपने दस्तावेज जमा करने और सत्यापन प्रक्रिया को पूरा करने का आग्रह किया गया था।
उन्होंने बताया कि ये नोटिस 10 जनवरी तक सभी संबंधित व्यक्तियों तक पहुंचा दिए गए थे। अब इन मतदाताओं को आगामी सात फरवरी तक अपने-अपने क्षेत्र के बूथ लेवल ऑफिसर के पास आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे, जिसमें मुख्य रूप से 2002 की मतदाता सूची या अन्य निर्धारित दस्तावेज से अपना नाम लिंक करने संबंधी प्रमाण पत्र शामिल हैं। साथ ही उन्हें उपखंड अधिकारी के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपनी फोटो भी खिंचवानी होगी ताकि पहचान की पुष्टि हो सके।
श्री गणेशगढ़िया ने बताया कि ये सभी प्रक्रियाएं समय पर पूरी नहीं की गईं, तो 14 फरवरी को प्रकाशित होने वाली अंतिम मतदाता सूची में इन मतदाताओं का नाम शामिल नहीं हो पाएगा, जिससे न केवल उनका मतदान का मौलिक अधिकार प्रभावित होगा, बल्कि दैनिक जीवन से जुड़े अन्य सरकारी और प्रशासनिक कार्यों में भी गंभीर परेशानियां उत्पन्न हो सकती हैं।
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