गोरखपुर , जनवरी 6 -- मकर संक्रांति के पर्व से शुरू होकर एक माह से अधिक समय तक चलने वाला गोरखनाथ मंदिर का विश्व प्रसिद्ध खिचड़ी मेला श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सेवा और सुविधा का संगम बनेगा,जिसे लेकर प्रशासन के कई विभागों की तैयारियां जोरों पर हैं।
गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खिचड़ी मेले की तैयारियों की समीक्षा कर चुके हैं। इस बार मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनाई जाएगी। इस अवसर पर लगने वाले खिचड़ी मेले को लेकर गोरखनाथ मंदिर का मेला परिसर सजने.संवरने लगा है। खिचड़ी मेले में पूर्वी उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार और नेपाल से भी श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ता है। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खिचड़ी मेले में श्रद्धालुओं के आने.जाने से लेकर मंदिर परिसर में उनकी सुरक्षा, स्वच्छता, पेयजल, ठंड से बचाव या फिर आकस्मिक जरूरत में चिकित्सा तक हर दृष्टिकोण से जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। विगत दिनों हुए समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा था कि खिचड़ी मेला में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षाए सेवा और सुविधा विशेष प्राथमिकता होनी चाहिए।
खिचड़ी मेले में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सर्वाधिक जिम्मेदारी नगर निगम की तरफ से उठाई जाएगी। गोरखपुर के नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल के मुताबिक खिचड़ी मेले के दौरान समूचे परिसर की समुचित सफाई के लिए नगर निगम दो महीने तक 40 सफाईकर्मियों की तैनाती करेगा। इसके साथ ही 5 मोबाइल शौचालय बनाए जा रहे हैं। परिसर को मच्छर व अन्य कीड़ों से मुक्त रखने के लिए प्रतिदिन दवा का छिड़काव और फॉगिंग कराई जाएगी। मेला परिसर कूड़ा मुक्त रहे इसके लिए अलग अलग स्थानों पर 30 डस्टबिन रखे जाएंगे। पेयजल की व्यवस्था के लिए 25 हैंडपम्प लगाए जा रहे हैं और 22 टोटी तथा 4 पानी टैंकर की भी व्यवस्था रहेगी। चूंकि खिचड़ी मेला के समय शीतलहर और ठंड अधिक होती है इसलिए मुख्यमंत्री ने पर्याप्त संख्या में अलाव की व्यवस्था करने के निर्देश दे रखे हैं। इस निर्देश के क्रम में नगर निगम ने मेला परिसर,मंदिर परिसर में अलाव जलवाने के लिए कुल 20 स्थानों को चिन्हित किया है। इसमें हर उस क्षेत्र को कवर किया जा रहा है जहां श्रद्धालु मौजूद रहते हैं।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित