भोपाल श्योपुर , अक्टूबर 30 -- मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले में एक किसान की आत्महत्या के मामले में कांग्रेस ने सरकार पर हमला बोला है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने श्योपुर जिले के मानपुर थाना क्षेत्र के सिरसोद निवासी किसान कैलाश मीणा का संदर्भ देते हुए सोशल मीडिया पर कहा कि अन्नदाताओं की "सरकारी हत्या" कब तक जारी रहेगी? उन्होंने मांग की कि कर्ज में डूबे किसानों को तत्काल प्रति बीघा 20 हजार रुपए की सरकारी सहायता दी जाए, ताकि, किसान आत्महत्याएं रोकी जा सके।
वहीं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी आरोप लगाया कि प्रदेशभर में अतिवृष्टि से तबाह फसलों का दर्द अब किसानों की जान ले रहा है | किसान कैलाश मीणा ने कर्ज़ और निराशा के बोझ तले आत्महत्या कर ली, यह घटना बताती है कि प्रदेश में किसान अब पूरी तरह भगवान भरोसे छोड़ दिए गए हैं। "कागज़ों में राहत, ज़मीन पर कराहत" यही है उस भाजपा सरकार की असली तस्वीर, जो मंचों से 'किसान कल्याण' के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन खेत में किसान की मौत पर चुप्पी साध लेती है।
सिरसोद निवासी कैलाश मीणा ने कल सुबह अपने खेत में बबूल के पेड़ से लटक कर आत्महत्या कर ली। स्थानीय किसानों और किसान संघ का आरोप है कि कैलाश मीणा बारिश के कारण अपनी धान की फसल बर्बाद होने से परेशान थे। इस वजह से सदमे में किसान ने आत्महत्या कर ली।
वहीं ग्रामीणों के एक पक्ष का कहना है कि किसान की लड़की के ससुराल से जुड़े एक विवाद के कारण वह तनाव में था।
इसी बीच कल देर रात जिला कलेक्टर की ओर से किसान के परिजन को रेडक्रॉस से दो लाख रुपए की सहायता उपलब्ध कराई गई है।
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