जयपुर , नवंबर 12 -- राजस्थान में दौसा के विशिष्ट केंद्रीय कारागृह श्यालावास में बुधवार को देशभक्ति और राष्ट्रीयता की भावना से ओतप्रोत एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बंदियों ने वंदे मातरम् मानव श्रृंखला बनायी।

जेल अधीक्षक पारस जांगिड़ ने बताया कि यह आयोजन वंदे मातरम् राष्ट्रगीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर आयोजित किया गया। इस दौरान कारागृह के मैदान में लगभग चार सौ बंदियों और जेल स्टाफ़ ने मिलकर एक विशाल मानव श्रृंखला बनायी, जिससे जमीन पर वंदे मातरम् शब्द की आकृति तैयार हुई।

इस दौरान बंदियों ने पूरे जोश के साथ तिरंगा झंडा लहराया, जिससे पूरा वातावरण देशभक्ति के नारों से गूंज उठा। इस अवसर पर श्री जांगिड़ ने कहा कि यह कार्यक्रम देश की एकता, अखंडता और मातृभूमि के प्रति समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने जोर दिया कि भारत माता की आराधना केवल शब्दों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि वह कर्म में भी झलकनी चाहिए।

उन्होंने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य बंदियों में सुधार लाना और उनमें राष्ट्रभावना को जागृत करना है। इस तरह के कार्यक्रम बंदियों को सकारात्मक दिशा देते हैं और उन्हें मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित करते हैं। बंदियों ने सामूहिक रूप से देशभक्ति गीतों और नारों के माध्यम से देश के प्रति अपनी निष्ठा प्रकट की।

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