सिडनी , जनवरी 08 -- ऑस्ट्रेलियाई शोधकर्ताओं ने दुनिया की सबसे खतरनाक मकड़ियों में से एक के जहर से तैयार दवा का दिल के दौरे और स्ट्रोक मरीजों पर नैदानिक परीक्षण शुरू किया है। शोधकर्ताओं ने गुरुवार को यह जानकारी दी।

ऑस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी ऑफ क्वींसलैंड (यूक्यू) के एक बयान के अनुसार, 'फेज 1 क्लीनिकल ट्रायल' के दौरान 'आईबी409' नामक दवा की सुरक्षा, सहनशीलता और इसकी सही खुराक का परीक्षण किया जायेगा। यह एक नयी दवा है। इसे बायोटेक्नोलॉजी कंपनी 'इन्फेंसा बायोसाइंस' ने ऑस्ट्रेलियाई 'फनल-वेब' मकड़ी के जहर में पाये जाने वाले अणु से विकसित किया है।

यूक्यू के इंस्टीट्यूट फॉर मॉलिक्यूलर बायोसाइंस के प्रोफेसर ग्लेन किंग ने कहा कि उनकी टीम ने 'एचआई1ए' के साथ 'बेदह आशाजनक' प्री-क्लीनिकल परिणाम प्रकाशित किये हैं। 'एचआई1ए' क्वींसलैंड राज्य के फ्रेजर द्वीप पर पायी जाने वाली फनल-वेब मकड़ी के जहर से प्राप्त प्रोटीन है।

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