हुबली , जनवरी 07 -- केन्द्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) परिसर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ नारेबाज़ी की कड़ी आलोचना करते हुए इस घटना को "दुर्भाग्यपूर्ण" बताया है।

श्री शेखावत ने बुधवार को यहां पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि छात्रों की हरकतों से ज़्यादा दुख वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं का बर्ताव है। उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का परोक्ष रूप से ज़िक्र करते हुए कहा कि "लगभग 52 या 55 साल " के नेताओं का बर्ताव विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले युवाओं के बर्ताव से कहीं ज़्यादा परेशान करने वाला है। उन्होंने कहा, "जिन्हें युवा पीढ़ी के लिए मिसाल कायम करनी चाहिए, वे इसके बजाय ऐसा बर्ताव दिखा रहे हैं जो बहुत परेशान करने वाला है।"केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जेएनयू में ऐसी घटनाएं बार-बार देखी गई हैं और यह एक पुरानी मानसिकता का नतीजा है। उन्होंने कहा "यह जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के लिए कोई नया विषय नहीं है। यह वही विश्वविद्यालय है जहां भारत को तोड़ने के नारे लगाए गए, जहां बंटवारे वाली मानसिकता वाले गाने गाए गए और जहां कसाब के लिए आंसू बहाए गए। हर कोई इस तरह की गतिविधि और सोच से परिचित है।"श्री शेखावत ने कहा कि इससे भी ज़्यादा दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि कर्नाटक में सत्ता में मौजूद एक बड़ी राजनीतिक पार्टी कथित तौर पर ऐसे तत्वों के साथ खड़ी है और उनका सहयोग कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश को आज़ाद कराने का दावा करने वाला एक समूह, राजनीतिक महत्वाकांक्षा के लिए उन ताकतों के साथ मिल रहा है जो देश को बांटना चाहती हैं।

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