चेंगदू , दिसंबर 5 -- चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने शुक्रवार को दक्षिण-पश्चिम चीन के सिचुआन प्रांत की राजधानी चेंगदू के निकट दुजियांगयान में मैत्रीपूर्ण बातचीत की।

श्री शी जिनपिंग ने कहा कि चीन और फ्रांस अन्य देशों की तुलना में एक-दूसरे को बेहतर ढंग से समझने और सम्मान करने की स्थिति में हैं। राष्ट्रपतिमैक्रों ने कहा कि फ्रांस और चीन दोनों के पास लंबा और समृद्ध इतिहास तथा सांस्कृतिक धरोहर है और दोनों देशों की जनता बेहतर जीवन की साझा आकांक्षा रखती है। उन्होंने कहा कि सहयोग के माध्यम से फ्रांस और चीन मिलकर विकास और समृद्धि प्राप्त कर सकते हैं तथा दोनों देशों की जनता को लाभ पहुंचा सकते हैं।

चीनी राष्ट्रपति ने जोर दिया कि राष्ट्रीय समृद्धि और पुनर्जागरण के लिए न केवल भौतिक संपदा का संचय आवश्यक है, बल्कि सांस्कृतिक-नैतिक प्रगति भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक आत्मविश्वास वाला राष्ट्र ही मजबूती से खड़ा रह सकता है और फल-फूल सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि चीनी सभ्यता विश्व की एकमात्र महान सभ्यता है जो राज्य के रूप में लगातार और निर्बाध रूप से विकसित होती रही है। इसकी प्रमुख विशेषताएं हैं - निरंतरता, नवाचार, एकता, समावेशिता और शांति।

राष्ट्रपति शी ने कहा कि चीन और फ्रांस क्रमशः पूर्वी और पश्चिमी सभ्यताओं के उत्कृष्ट प्रतिनिधि हैं। दोनों देशों में साझा स्वतंत्रता की भावना उनकी गहन सांस्कृतिक धरोहर से उत्पन्न होती है। दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना न केवल दो स्वतंत्र देशों का "हाथ मिलाना" था, बल्कि दो शानदार सभ्यताओं का मिलन भी था।

वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में परिवर्तन और उथल-पुथल आपस में जुड़े हुए हैं। श्री शी ने कहा कि चीन का मानना है कि लंबे इतिहास और गहन संस्कृति वाले दो बड़े देश होने के नाते चीन और फ्रांस संवाद और सहयोग के जरिए विश्व शांति, स्थिरता और मानव प्रगति में अधिक योगदान दे सकते हैं।

राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि तेजी से बदलते और अनिश्चितताओं से भरे अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में फ्रांस चीन के साथ संचार और समन्वय मजबूत करने, संघर्षों के समाधान के लिए संवाद और परामर्श करने तथा विश्व शांति और स्थिरता की रक्षा के लिए साथ मिलकर काम करने को तैयार है।

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