भिंड , मार्च 24 -- मध्यप्रदेश के भिंड जिले के मेहगांव अनुभाग में आयोजित "संकल्प से समाधान" शिविर में एक नया विवाद सामने आ गया है।

कल आयोजित इस कार्यक्रम में जब कैबिनेट मंत्री राकेश शुक्ला नहीं पहुंचे तो प्रशासन ने आनन-फानन में उनके बेटे आलोक शुक्ला को ही मुख्य अतिथि बनाकर मंच पर बैठा दिया। आलोक शुक्ला किसी भी निर्वाचित पद पर नहीं हैं, इसके बावजूद उन्होंने हितग्राहियों को योजनाओं के प्रमाण-पत्र बांटे। प्रशासन के इस कदम पर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताई है।

मामले में अधिकारियों का कहना है कि जनप्रतिनिधि कोई भी हो सकता है। वहीं कांग्रेस का आरोप है कि प्रशासन मंत्री के बेटे की 'राजनीतिक लॉन्चिंग' कर रहा है।

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