मुंबई , जनवरी 24 -- शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर वह मानती है कि उनकी पार्टी को खत्म किया जा सकता है, तो यह उसकी बड़ी भूल है। उन्होंने जोर देकर कहा, " 'शिवसेना' केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि एक विचार है।"शिवसेना संस्थापक बालासाहेब ठाकरे के जन्मशताब्दी वर्ष के शुभारंभ पर यहां आयोजित एक कार्यक्रम में श्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि विरोधियों ने शिवसेना का नाम "मिटाने" की कोशिश की, लेकिन वे सफल नहीं होंगे। उन्होंने हालिया निकाय चुनावों का उदाहरण देते हुए कहा कि शिवसैनिकों ने ऐसी कोशिशों को नाकाम कर दिया है।
श्री उद्धव ठाकरे ने मुंबई के चुनावों में पहली बार धनबल के भारी इस्तेमाल का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसी शिकायतें मिली हैं कि बंद दरवाजों के नीचे से नकदी से भरे लिफाफे डाले गए। उन्होंने सवाल किया, "क्या आप महाराष्ट्र को बेच रहे हैं? आप वोट खरीद सकते हैं, लेकिन लोगों के दिल कैसे खरीदेंगे? दिल आज भी 'शिवसेना' और उसके प्रमुख के साथ हैं और आप सैनिकों ने आज यह फिर से दिखा दिया है। यही हमारी असली ताकत है।"महाराष्ट्र नव निर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे के साथ अपने संबंधों और संघर्षों पर चर्चा करते हुए श्री उद्धव ठाकरे ने कहा, "हमने अपना बचपन साथ बिताया है। हम वे बच्चे हैं जो तूफानों में खेलकर बड़े हुए हैं, इसलिए हमें कोई यह न सिखाए कि तूफानों से कैसे लड़ा जाता है।"इस अवसर पर राज ठाकरे ने भी अपने विचार रखे और कहा कि बालासाहेब ठाकरे आज हिंदुत्व की राजनीतिक "मार्केटिंग" होते देख बेहद दुखी होते। उन्होंने कहा कि बालासाहेब ने हिंदुओं में स्वाभिमान जगाया था और उन्हें एक मजबूत राजनीतिक शक्ति के रूप में उभारा था।
महाराष्ट्र के वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य पर चिंता जताते हुए राज ठाकरे ने कहा कि राज्य "गुलामों के बाजार" में तब्दील हो गया है। उन्होंने इसकी तुलना प्राचीन काल से करते हुए कहा कि जैसे तब गुलामों की नीलामी होती थी, वैसे ही आज राजनीति में चुने हुए प्रतिनिधियों की "नीलामी" हो रही है।
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