पुणे , जनवरी 01 -- महाराष्ट्र के पुणे नगर निगम चुनाव में शिवसेना के उम्मीदवार उद्धव कांबले ने माना है कि उन्होंने नामांकन के लिये भरा जाने वाला एबी फॉर्म फाड़कर गलती की, लेकिन उन्होंने फॉर्म को चबाने या निगलने के आरोप से साफ इनकार किया है।

श्री कांबले ने इस विवाद पर सफाई देते हुए कहा कि पार्टी से कोई संबंध न रखने वाला एक व्यक्ति एबी फॉर्म लाया था। गुस्से में आकर उन्होंने उसे जबरदस्ती ले लिया और फाड़ दिया। उन्होंने कहा कि फॉर्म को खाने और निगलने का दावा पूरी तरह से गलत है।

पुलिस ने इस घटना के बाद श्री कांबले के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इस घटना को न केवल किसी खास व्यक्ति या पार्टी, बल्कि पूरी राजनीति के लिए बदनामी लाने वाला बताया है। उपमुख्यमंत्री और शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे ने भी कथित तौर पर इस मामले पर श्री कांबले को फटकार लगायी है।

श्री कांबले ने दावा किया कि पार्टी ने आधिकारिक तौर पर उन्हें उम्मीदवारी दी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार मच्छिंद्र धवले ने उनका एबी फॉर्म चुरा लिया था। उन्होंने कहा कि चुनाव अधिकारियों ने उन्हें यह नहीं बताया था कि श्री धवले ने एबी फॉर्म जमा कर दिया है, जिससे उन्हें गुस्सा आया और उन्होंने उसे फाड़ दिया।

श्री कांबले ने अपनी सफाई में कहा, " पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने मुझे बताया कि मैं आधिकारिक उम्मीदवार हूं, और उन्होंने इस संबंध में चुनाव आयोग को एक पत्र भी सौंपा है। जब मुझे पता चला कि क्या हुआ है, तो मैं ऑफिस गया। गुस्से में आकर मैंने फॉर्म फाड़ दिया। मैं अपनी गलती मानता हूं, लेकिन मैंने उसे खाया नहीं। "श्री कांबले ने कहा कि वह कई सालों से वार्ड नंबर 36 में काम कर रहे हैं और एक समर्पित पार्टी कार्यकर्ता हैं। उन्होंने दावा किया कि न तो वह और न ही कोई शिवसेना पदाधिकारी मच्छिंद्र धवले को व्यक्तिगत रूप से जानते हैं। उन्हें कोई अंदाजा नहीं है कि श्री धवले को एबी फॉर्म कैसे मिला।

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