बेलगावी , दिसंबर 09 -- कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डी.के. शिवकुमार ने मंगलवार को विपक्ष से आग्रह किया कि वह राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने के बजाय केंद्र सरकार की उन नीतियों का विरोध करें जिन्होंने प्रदेश में किसानों का संकट और गहरा कर दिया है।
बेलगावी हवाई अड्डे पर विधानसभा के शीतकालीन सत्र से पहले पत्रकारों से बातचीत में श्री शिवकुमार ने कहा कि भाजपा का प्रदर्शन "गलत दिशा में" है। उन्होंने कहा कि किसान बेंगलुरु के फैसलों की वजह से नहीं बल्कि नयी दिल्ली के फैसलों की वजह से कष्ट में हैं। "मक्का, गन्ना और इथेनॉल को लेकर केंद्र के फैसलों की वजह से किसान भारी दबाव में हैं। कर्नाटक को मिलने वाली कोई भी अनुदान राशि अभी तक जारी नहीं की गई है।"उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार महादायी परियोजना जैसे लंबित मुद्दों को भी हल करने में असफल रही है, जिससे राज्य के सूखाग्रस्त क्षेत्रों के किसानों को लाभ मिलता। मेकेदातु मुद्दे पर लंबी लड़ाई के बाद ही न्याय मिला है। उन्होंने दावा किया था कि एक दिन में क्लियरेंस ले आएंगे, लेकिन कुछ हुआ नहीं। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में 5,400 करोड़ रुपये की घोषणा की थी, लेकिन एक पैसा भी राज्य को नहीं मिला।"भाजपा सांसदों पर तीखा हमला बोलते हुए श्री शिवकुमार ने कहा कि भाजपा के किसी भी सांसद ने इन मुद्दों पर एक शब्द नहीं बोला। भाजपा नेताओं में जिम्मेदारी का कोई बोध नहीं है।
श्री शिवकुमार ने कहा कि विशेष रूप से उत्तर कर्नाटक में विकास कार्य केंद्र से धन नहीं मिलने की वजह से रुके हुए हैं और राज्य सरकार एक बार फिर केंद्र से तत्काल वित्तीय सहायता मांगेगी।
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