उदयपुर , जनवरी 04 -- राजस्थान में उदयपुर में पश्चिम क्षेत्र सास्कृतिक केंद्र द्वारा आयोजित मासिक नाट्य संध्या 'रंगशाला' के तहत रविवार को परम्परा नाट्य समिति जयपुर की संस्था द्वारा संगीत मय नाट्य प्रस्तुति दी गयी।

पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र उदयपुर के निदेशक फ़ुरकान खान ने बताया की हर महीने आयोजित होने वाली मासिक नाट्य संध्या रंगशाला के तहत परंपरा नाट्य समिति जयपुर द्वारा शिव महिमा का मंचन दर्पण सभागार, शिल्पग्राम उदयपुर में किया गया। यह नाटक तमाशा शैली पर आधारित संगीतमय प्रस्तुति थी जिसकी परिकल्पना एवं निर्देशन दिलीप भट्ट द्वारा की गई।

जयपुर की तमाशा शैली ढाई सौ वर्ष पुरानी लोक नाट्य शैली है। नव वर्ष के उपलक्ष्य में इस संगीत प्रधान शिव महिमा में शिव की प्रस्तुति के साथ शिव पार्वती प्रसंग को भी बड़े रोचक अंदाज में कलाकारों ने पेश किया।

नाट्य प्रस्तुति में दिलीप भट्ट ने सूत्रधार की भूमिका बखूबी ढंग से निभाई और गायन पक्ष संभाला। इस प्रस्तुति में (शिव) हर्ष भट्ट, (दक्ष) सिकंदर अब्बास, (गणेश) विपिन अटल, (पार्वती) की भूमिका रेणु सनाढ्य ने निभाई।दर्शकों से खचाखच भरे सभागार में इस प्रस्तुति को खूब सराहा गया।

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