शिलांग/श्री अमृतसर , दिसंबर 16 -- श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने मंगलवार को मेघालय के शिलांग शहर में पंजाबी लेन में रहने वाले सिख समुदाय के सदस्यों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। इस मौके पर जत्थेदार गड़गज्ज ने वहां स्थित गुरुद्वारा गुरु नानक दरबार में भी मत्था टेका और गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी द्वारा चलाए जा रहे गुरु नानक स्कूल का दौरा किया।
पंजाबी लेन के सिखों के साथ बातचीत के दौरान, जत्थेदार गड़गज्ज ने उनकी चिंताओं को सुना और इलाके की मौजूदा स्थिति और हालात की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पंजाबी लेन में रहने वाले सिख मूल्यों और गुरु के घर से गहराई से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि सिख सदियों से शिलांग की धरती पर रह रहे हैं, और पंजाबी लेन यहां सिख बस्ती का सबसे पुराना इलाका है।
उन्होंने आगे कहा कि सिखों और पंजाबियों ने अपनी कड़ी मेहनत और बुद्धिमत्ता से पहचान बनाई है, साथ ही मेघालय के विकास और समाज सेवा में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
जत्थेदार गड़गज्ज ने कहा कि शिलांग का सबसे पुराना गुरुद्वारा, गुरुद्वारा गुरु नानक दरबार, गुरु के प्रति सिखों की भक्ति और समर्पण को दर्शाता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पंजाबी लेन यहां के सिख समुदाय की पैतृक भूमि है और उनकी ही रहेगी, क्योंकि यहां रहने वाले सिख मेघालय और शिलांग के भी निवासी हैं।
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