शिमला , जनवरी 26 -- हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला रिज के ऊपर सोमवार को गणतंत्र दिवस समारोह के अवसर एक हेलिकॉप्टर से फूल बरसाए गए।

समारोह में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की मौजूदगी में तिरंगा फहराया। राज्यपाल ने खुली जीप से परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली। अलग-अलग विभागों और सेना की तरफ से रंग-बिरंगी झांकियां दिखाई गईं, जिनमें राज्य की उपलब्धियां और सरकार की खास योजनाएं दिखाई गईं। हिमाचल प्रदेश की समृद्व विरासत और विकास पहलों को दिखाने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम ने समारोह में जान डाल दी।

परेड का नेतृत्व जम्मू-कश्मीर राइफल्स के परेड कमांडर लेफ्टिनेंट शाश्वत तिवारी ने किया। भारतीय सेना , आईटीबीपी, सशस्त्र सीमा बल, हिमाचल पुलिस, महिला पुलिस, यातायात पुलिस, होम गार्ड्स, पूर्व सैन्य कर्मी , एनसीसी, एनएसएस, भारत स्काउट्स एंड गाइड्स, और आपदा प्रबंधन की टुकड़ियों ने हिस्सा लिया। इस मौके पर विपक्ष के नेता जय राम ठाकुर भी मौजूद थे।

पूरे ज़िले में विधानसभा अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्रियों ने स्थानीय कार्यक्रमों में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। लाहौल-स्पीति के केलांग ज़िला मुख्यालय में पर्यटन विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष आर. एस. बाली ने कड़ाके की सर्दी के बीच तिरंगा फहराया। पुलिस, होम गार्ड और एनसीसी के जवानों ने खराब मौसम के बावजूद गणतंत्र दिवस का जोश दिखाते हुए बर्फ़ में मार्च किया।

इस बीच बिलासपुर में भाजपा विधायक रणधीर शर्मा, जीत राम कटवाल और त्रिलोक जम्वाल ने कथित तौर पर सीट न दिए जाने के बाद गणतंत्र दिवस समारोह का बहिष्कार कर दिया। श्री शर्मा ने ज़िला प्रशासन पर जानबूझकर चुने हुए प्रतिनिधियों का अपमान करने और विपक्षी विधायकों को बेइज्जत करने की कोशिश करने का आरोप लगाया।

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