पटना , दिसंबर 09 -- बिहार में शिक्षा विभाग ने प्रदेश के 33 समाहित (टैग किये गये) विद्यालयों को भूमि और भवन दे कर स्वतंत्र इकाई के रूप में बहाल करने का निर्णय लिया है।
चार दिसंबर को जारी प्रथम चरण की इस सूची में वे सभी विद्यालय शामिल हैं जिन्हें पिछले दो- तीन वर्षों में भवनहीन या भूमिहीन होने के कारण नजदीकी स्कूलों के साथ जोड़ा गया था।
इन 33 विद्यालयों के लिये अब भूमि उपलब्ध करा दी गई है, जिसके आधार पर शिक्षा विभाग ने इन्हें 'समाहन से मुक्त' घोषित कर दिया है। ये स्कूल बिहार के सात जिलों अररिया, समस्तीपुर, लखीसराय, सहरसा, सिवान, बेगूसराय और औरंगाबाद में स्थित हैं।
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि पहले चरण में विशेष तौर पर अनुसूचित जाति- अनुसूचित जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों में स्थित समाहित विद्यालयों को स्वतंत्र करने पर प्राथमिकता दी गई है। आगामी चरणों में अन्य जिलों के ऐसे स्कूलों की भी समीक्षा की जायेगी, जिनके पास अब भवन निर्माण के लिये उपयुक्त भूमि सुनिश्चित हो चुकी है।
शिक्षा विभाग के अनुसार, नई भूमि उपलब्ध होने और भवन निर्माण की प्रक्रिया शुरू होने के बाद इन स्कूलों को फिर से पूर्ण क्षमता के साथ संचालित किया जायेगा।
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