रायपुर , फरवरी 15 -- आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ ने प्रदेश में संचालित 751 स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों की बदहाल स्थिति को लेकर राज्य की भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने कहा कि सरकार प्रचार और विज्ञापनों पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, जबकि गरीब व मध्यम वर्ग के बच्चों की शिक्षा के लिए जरूरी फंड रोक दिया है।
कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष ने जायसवाल ने रविवार को बताया कि पूर्ववर्ती सरकार में 403 अंग्रेजी माध्यम और 348 हिंदी माध्यम के इन स्कूलों को जिला कलेक्टरों के माध्यम से प्रति वर्ष 5 लाख रुपये का नियमित बजट मिलता था। वर्तमान सरकार ने न सिर्फ फंड आधा कर दिया है, बल्कि वह भी अनियमित रूप से जारी किया जा रहा है। राजधानी रायपुर में संचालित 36 आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल फंड की भारी कमी से जूझ रहे हैं। कई स्कूलों के बिजली बिल लंबित हैं और भुगतान के अभाव में नोटिस तक आ चुके हैं। रंग-रोगन और मरम्मत जैसे बुनियादी कार्य ठप हो गए हैं और शैक्षणिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हैं।
राजनांदगांव जिले में स्थिति और भी चिंताजनक है। यहां एक हाई स्कूल को आत्मानंद स्कूल में तब्दील किया गया, लेकिन सिर्फ नामपट्ट बदल दिए गए। शिक्षा की गुणवत्ता जस की तस बनी हुई है। स्कूल में स्वीकृत शिक्षकों के पदों में से लगभग आधे खाली हैं। यहां 9वीं से 12वीं तक के 620 विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए पर्याप्त शिक्षक नहीं हैं। इस स्कूल को महज 2.55 लाख रुपये का फंड दिया जा रहा है, जो मूलभूत जरूरतों को पूरा करने में भी नाकाफी है।
बस्तर जिले के दरभा, चिंगपाल और चितापुर में स्कूल संसाधनों के अभाव में दो पालियों में चल रहे हैं। हालांकि सरकार शिक्षकों की नियुक्ति का दावा कर रही है, लेकिन प्रयोगशालाएं, आधारभूत सुविधाएं और शैक्षणिक सामग्री पूरी तरह से नदारद हैं। कई स्थानों पर बच्चों को एक साल से ड्रेस तक नहीं मिल पाई है। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत होने वाली है, लेकिन अभी तक ड्रेस और किताबें नहीं पहुंची हैं।
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