उदयपुर , जनवरी 07 -- राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागडे ने शिक्षा को गरीबी को दूर करने का सबसे सशक्त माध्यम बताते हुए कहा है कि केवल डिग्री प्राप्त करना ही जीवन का लक्ष्य नहीं होना चाहिए, बल्कि निरंतर आगे बढ़ने की जिद और सीखते रहने का संकल्प होना चाहिए।
श्री बागडे बुधवार को उदयपुर में आयोजित भूपाल नोबल्स (बीएन) विश्वविद्यालय के द्वितीय दीक्षांत समारोह में संबोधित कर रहे थे। श्री बागडे ने कहा कि मेवाड़ एक आदिवासी बहुल क्षेत्र है और इस क्षेत्र में शिक्षा के प्रसार में बीएन संस्थान की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। शिक्षा के माध्यम से इस संस्थान ने जनजातीय अंचलों में ज्ञान का आलोक फैलाया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जनजातीय समुदाय को उच्च शिक्षा से जोड़ना समय की मांग है ताकि वे मुख्यधारा में शामिल होकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा सकें। वंचित और पिछड़े वर्ग का उत्थान आज देश की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
राज्यपाल ने कहा कि गरीबी को यदि स्थायी रूप से दूर किया जा सकता है तो उसका सबसे सशक्त माध्यम शिक्षा ही है और सफलता के लिए सतत प्रयास आवश्यक हैं। विद्यार्थी निरंतर अभ्यास के माध्यम से अपनी बौद्धिक क्षमता बढ़ाएं, अपनी सोच और दृष्टि को व्यापक बनाएं तथा स्वयं को सफल देखने का मानस तैयार करें, सफलता अवश्य मिलेगी।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित