बादल , दिसंबर 08 -- शिरोमणी अकाली दल (शिअद) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने सोमवार को पंजाब में पांच बार मुख्यमंत्री रहे प्रकाश सिंह बादल को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें सच्चा राष्ट्रवादी और राज्य की आवाज बताया।

श्री बादल ने कहा कि वह अपने पिता के पदचिन्हों पर चलेंगें और पंजाब, पंजाबियों , खालसा पंथ और अकाली दल के सम्मान से कभी भी समझौता नही करेंगें। दिवंगत नेता की 98वीं जयंती के अवसर पर अकाली दल अध्यक्ष ने कहा,''बादल साहिब एक सच्चे ' विकासपुरूष' थे, जिन्होंने अपने मुख्यमंत्री के कार्यकाल के दौरान राज्य के सभी मुख्यमंत्रियों की तुलना में सबसे अधिक काम किया। सभी अपने आसपास देखें, आपकों केवल उनके प्रोजेक्ट ही दिखाई देंगें। वे अकेले ही नवीन योजनाओं के माध्यम से किसानों और गरीबों की आजीविका में सुधार लाने के लिए जिम्मेदार रहे। यही कारण है कि हर वर्ग के लोग बादल साहिब को अपना मानते थे।''श्री बादल ने कहा कि कि अकाली दल बादल साहिब की शानदार विरासत को आगे बढ़ाने के लिए वह वचनबद्ध है। उन्होंने कहा कि वह इसके लिए कोई भी बलिदान देने के लिए तैयार हैं। उन्होने कहा, ''अब हम और प्रयोग नहीं कर सकते क्योंकि हमें पंजाब को बचाना है। केवल अकाली दल ही एकमात्र पार्टी है जो राज्य को उसकी मौजूदा बदहाली से बाहर निकालकर विकास और समृद्धि के रास्ते पर लाने की इच्छाशक्ति रखता है।''उन्होंने गांव में दिवंगत नेता की 12.5 फुट ऊंची प्रतिमा का भी उदघाटन किया। प्रतिमा के साथ पार्टी का 70 फुट ऊंचा विशाल झंडा भी स्थापित किया गया। उन्होने बताया कि गांव में दिवंगत नेता के जीवन, उपलब्धियों और दर्शन को दर्शाने वाला एक संग्रहालय भी स्थापित किया जाएगा और इस परियोजना के लिए उसी वास्तुकार को नियुक्त किया जाएगा, जिसने विरासत-ए-खालसा की परिकल्पना की थी।

इस अवसर पर इंडियन नेशनल लोकदल के अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला ने कहा, "बादल साहिब ने गरीबों और दलितों की भलाई के लिए बहुत ज्यादा काम किए और उनकी जयंती को ''सदभावना दिवस'' के रूप में मनाने की अपील की।''भाजपा के वरिष्ठ नेता मनप्रीत सिंह बादल और सुरजीत कुमार ज्यानी ने बताया कि कैसे दिवंगत नेता ने सभी प्रधानमंत्रियों सहित सभी से सराहना प्राप्त की थी। उन्होने कहा कि सरदार प्रकाश सिंह बादल ने न केवल बड़े सपने देखे बल्कि पंजाब की बेहतरी के लिए अथक मेहनत करके उन सपनों को साकार भी किया।

भाकपा नेता हरदेव अर्शी ने बताया कि कैसे दिवंगत नेता ने दलितों के लिए सबसे ज्यादा काम किया। उन्होंने कहा कि सरदार बादल ने ही 1979 ने विधवा पेंशन शुरू की, धर्मशालाओं की मरम्मत करवाई, आटा-दाल, शगुन योजना जैसी गरीब भलाई की योजनाएं शुरू की थी। वरिष्ठ नेता बलविंदर सिंह भूंदड़ ने बताया कि कैसे सरदार बादल ने अपने सिद्धांतो से कभी भी समझौता नही किया और बताया कि कैसे दिवंगत नेता ने इंदिरा गांधी के प्रलोभनों के बावजूद इमरजेंसी का विरोध किया था।

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