नयी दिल्ली , जनवरी 11 -- गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को उनकी 60वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी और उनके नेतृत्व, सादगी और भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और आत्मनिर्भरता में उनके योगदान को याद किया।

श्री शाह ने एक संदेश में कहा कि राष्ट्रीय संकट के समय दिया गया श्री शास्त्री का मशहूर नारा "जय जवान, जय किसान", भारत की सेना की ताकत और देश की आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने में किसानों की मुख्य भूमिका के बीच एक गहरा संतुलन दिखाता है।

उन्होंने श्री शास्त्री को एक साधारण परिवार से आने वाला नेता बताते हुए कहा कि उनके पक्के इरादे और निर्णायक नेतृत्व ने 1965 के युद्ध के दौरान भारत को जीत दिलाई। गृह मंत्री ने कहा कि श्री शास्त्री के जीवन ने दिखाया कि कैसे दृढ़ संकल्प और ईमानदारी किसी देश की किस्मत बना सकती है।

श्री शाह ने आगे कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री की सादी जीवनशैली और जनसेवा के प्रति समर्पण देश भर के सामाजिक कार्यकर्ताओं और नेताओं की पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।

श्री शास्त्री देश के दूसरे प्रधानमंत्री थे और उन्होंने खेती में सुधार किए और 1965 में पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध में देश को जीत दिलाई। उस समय जनरल जयंतो नाथ चौधरी के नेतृतव में भारतीय सेना ने लाहौर और सियालकोट सेक्टर के बड़े इलाकों और रणनीतिक रूप से अहम हाजी पीर दर्रे सहित 1,920 किलोमीटर पाकिस्तानी इलाके पर कब्ज़ा कर लिया था। 23 सितंबर, 1965 को संयुक्त राष्ट्र के आदेश पर युद्धविराम हो गया।

श्री शास्त्री का 11 जनवरी, 1966 को ताशकंद में निधन हो गया था।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित