गांधीनगर , जनवरी 04 -- केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने यहां जलजन्य टायफाइड की स्थिति को लेकर प्रशासन को युद्धस्तर पर कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक श्री शाह ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा कर टायफाइड से प्रभावित बच्चों एवं नागरिकों को विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा त्वरित और सटीक उपचार सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं, साथ ही गांधीनगर सिविल अस्पताल में पीड़ित मरीजों और उनके परिजनों के लिए भोजन की सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने लीकेज की तत्काल मरम्मत करने और इस दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति का और फैलाव न हो, इसके लिए आसपास के क्षेत्रों में भी पाइप लाइन की सघन जांच करने के आदेश दिए हैं।
सूत्रों ने रविवार को बताया कि गांधीनगर शहर में संदिग्ध टायफाइड मामलों को लेकर सघन स्वास्थ्य व्यवस्था एवं सर्वेक्षण कार्यवाही शुरू की गई है। जिन क्षेत्रों से ये संदिग्ध मामले सामने आए हैं, उन सेक्टर 24, 26 और 28 तथा आदिवाडा क्षेत्रों में 75 हेल्थ टीमों द्वारा सर्वेक्षण किया गया है। अब तक संदिग्ध टायफाइड के 113 मामले सामने आए हैं, जिनमें से उपचाराधीन मरीजों में से 19 को डिस्चार्ज कर दिया गया है। शेष 94 मरीजों को गांधीनगर सिविल अस्पताल तथा सेक्टर 24 और 29 के यूएचसी में उपचार दिया जा रहा है तथा सभी मरीजों की स्थिति स्थिर है। प्रभावित क्षेत्रों में 24गुणा7 ओपीडी शुरू की गई है।
उन्होंने बताया कि जिन मरीजों का उपचार सिविल अस्पताल में किया जा रहा है, उनके परिजनों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई है। गांधीनगर महानगर पालिका की सर्वेक्षण टीमों द्वारा अब तक 20,800 से अधिक घरों का सर्वे कर 90 हजार से अधिक जनसंख्या को कवर किया गया है। रोग रोकथाम के उपायों के अंतर्गत 30 हजार क्लोरीन टैबलेट और 20,600 ओआरएस पैकेट का वितरण किया गया है।
सर्वेक्षण टीमें घर-घर जाकर जागरूकता पत्रिकाओं का वितरण कर रही हैं तथा लोगों को पानी उबालकर पीने, बाहर का खाना न खाने और हाथों की स्वच्छता बनाए रखने जैसी जानकारियां प्रदान कर रही हैं। रोग नियंत्रण के लिए पानी के सुपर क्लोरीनेशन की कार्यवाही को तेज किया गया है और पानी में क्लोरीन की मात्रा की नियमित जांच की जा रही है। महानगर पालिका प्रशासन द्वारा सोमवार तक 24गुणा7 जलापूर्ति के स्विच ओवर की कार्यवाही की जाएगी। इससे सुदूरवर्ती घरों तक भी उचित मात्रा में क्लोरीनयुक्त पानी पहुंचाया जा सकेगा। रोग प्रभावित क्षेत्रों में जहां छोटे-बड़े लीकेज पाए गए हैं, उनकी मरम्मत भी तत्काल प्रभाव से की जा रही है। महानगर पालिका प्रशासन द्वारा शहर में पानीपुरी, रगड़ा पैटीस, बर्फ के गोले, शिकंजी सोडा तथा दूध से बने पेय पदार्थों की बिक्री की भी सघन जांच की जा रही है।
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