रूद्रपुर , जनवरी 13 -- उत्तराखंड में किसान सुखवंत सिंह हत्याकांड की जांच कुमाऊं आयुक्त और मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत करेंगे।
शासन ने मंगलवार को कुमाऊं आयुक्त को जांच सौंपने को निर्णय लिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शासन की ओर से इस मामले में आयुक्त दीपक रावत को जांच सौंपी गई है। वह इस मामले में लगाये गये बेहद गंभीर आरोपों के जांच के साथ ही पूरे प्रकरण की जांच करेंगे।
वह किसान के साथ भूमि खरीद के नाम पर हुई लगभग चार करोड़ रुपए की धोखाधड़ी के साथ ही ऊधमसिंह नगर पुलिस की भूमिका की भी जांच करेंगे। इस मामले में ऊधमसिंह नगर पुलिस पर बेहद गंभीर आरोप हैं। जांच अधिकारी श्री रावत ने जनता से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को उक्त घटना से सम्बन्धित कोई तथ्य, साक्ष्य, बयान दर्ज कराने हो तो वे एक सप्ताह के अन्तर्गत आयुक्त कार्यालय कुमाऊं मण्डल, नैनीताल अथवा कैम्प कार्यालय, खाम बंगला हल्द्वानी में कार्यालय अवधि साक्ष्यों के साथ अपने बयान दर्ज करा सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि विगत 10 जनवरी को उधमसिंह नगर जिले के पेंगा निवासी सुखवंत सिंह ने हल्द्वानी के काठगोदाम में गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या करने से पहले मृतक की ओर से एक वीडियो बनाया गया और उसमें काशीपुर के 24 लोगों पर भूमि धोखाधड़ी के मामले में गंभीर आरोप लगाये गये। आरोप लगाया गया कि भूमि का सौदा करने के नाम पर उसके साथ आरोपियों ने चार करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की। बाद में न तो पैसे वापस किए और न ही जमीन की रजिस्ट्री की गई।
यही नहीं वीडियो में ऊधमसिंह नगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा के साथ ही आईटीआई थाना और पेंगा चौकी पुलिस पर भी संगीन आरोप लगाए गए।
आरोप में कहा गया कि पुलिस ने मृतक की सुनवाई नहीं की और उल्टा उसके साथ गलत व्यवहार किया गया। आरोप है कि इसी से क्षुब्ध होकर मृतक ने आत्महत्या कर ली।
यहां यह भी बता दें कि घटना के बाद ऊधमसिंह नगर पुलिस हरकत में आयी और उसने आईटीआई थाना तथा पेंगा चौकी के दो पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया जबकि 10 को लाइन हाजिर कर दिया।
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