अम्बिकापुर , जनवरी 04 -- छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिला में शासकीय भूमि को निजी स्वामित्व की बताकर अवैध रूप से बिक्री कर लाखों रुपये की ठगी करने के मामले में कोतवाली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है।
पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई करते हुए धोखाधड़ी और साक्ष्य नष्ट करने जैसी गंभीर धाराएं भी जोड़ी हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रार्थी नेजारूदीन अंसारी ने कोतवाली थाना में रिपोर्ट दर्ज करायी थी और बताया था कि वर्ष 2008 से 2022 के बीच आरोपी मो. रशीद ने अपने परिवार के सदस्यों की सहायता से ग्राम रनपुर और खैरबार क्षेत्र की शासकीय भूमि को अपनी निजी भूमि बताकर अवैध रूप से बिक्री की। आरोपी ने लगभग 41 लोगों को झूठे और भ्रामक आश्वासन देकर विश्वास में लिया और प्रत्येक व्यक्ति से करीब एक लाख 50 हजार रुपये की राशि वसूली।
पीड़ित अधिकांश लोग अल्पशिक्षित और आर्थिक रूप से कमजोर थे, जिन्हें यह जानकारी नहीं थी कि उक्त भूमि वास्तव में वन भूमि है, जिसका विक्रय कानूनन संभव नहीं है। ठगी का खुलासा होने के बाद आरोपी द्वारा पीड़ितों पर मूल बिक्री विलेख और दस्तावेज वापस देने का दबाव बनाया गया तथा उन्हें धमकाया भी गया।
प्रकरण की विवेचना के दौरान प्रार्थी और गवाहों के कथन, जप्त दस्तावेजों के आधार पर आरोपी मो. रशीद ( 46)के विरुद्ध अपराध प्रमाणित पाए गए। पूछताछ में आरोपी ने जमीन संबंधी दस्तावेज न होने और बिक्री से जुड़े स्टाम्प पेपर जलाने की बात स्वीकार की।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित