धार , फरवरी 13 -- धार जिले की कुक्षी तहसील के ग्राम टांडा क्षेत्र में शावक की मौत के बाद एक बार फिर तेंदुआ नजर आने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर देर रात तक सर्चिंग की और अब प्रतिदिन रात्रि गश्त करने का निर्णय लिया है।

जानकारी के अनुसार टांडा क्षेत्र में अनाज मंडी के पास राहगीरों ने रात में तेंदुए की गुर्राहट सुनी। कुछ देर बाद तेंदुआ सड़क पार करते हुए दिखाई दिया। ग्रामीणों ने टॉर्च की रोशनी में उसे विचरण करते देखा और उसका वीडियो बनाकर वन विभाग को सूचना दी। यह वही क्षेत्र है जहां एक दिन पूर्व सड़क किनारे एक तेंदुए का शव मिला था।

सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और रात करीब दो बजे तक जंगल क्षेत्र में सर्चिंग की, लेकिन तेंदुआ हाथ नहीं लगा। रेंज अधिकारी एचएस कनूजे ने बताया कि प्रारंभिक अनुमान के अनुसार यह मादा तेंदुआ हो सकती है, जो शावक की मौत के बाद अपने बच्चे की तलाश में पुनः उसी स्थान पर आई होगी।

वन विभाग ने क्षेत्र में तेंदुए की बढ़ती सक्रियता को देखते हुए शुक्रवार से प्रतिदिन दो टीमों द्वारा रात्रि गश्त करने का निर्णय लिया है। अधिकारियों के अनुसार यह मार्ग जंगल से सटा हुआ है और तेंदुए अक्सर एक जंगल से दूसरे जंगल की ओर जाने के लिए सड़क पार करते हैं। रात के समय तेज रफ्तार वाहनों के कारण वन्यजीवों को खतरा बना रहता है।

इधर, सरदारपुर-टांडा मार्ग पर बुधवार-गुरुवार की मध्यरात्रि सड़क किनारे मृत अवस्था में एक तेंदुआ मिला था। ग्रामीणों की सूचना पर वन अमला मौके पर पहुंचा और जांच शुरू की। तेंदुए के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है ताकि मौत के कारणों का पता चल सके।

वन विभाग क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाल रहा है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों ने वन्यजीवों की सुरक्षा और सड़क हादसों की रोकथाम के लिए चेतावनी संकेतक लगाने तथा ठोस कदम उठाने की मांग की है।

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