खटीमा , अक्टूबर 28 -- उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को अपने गृहनगर खटीमा में चंपावत की शारदा कॉरिडोर विकास परियोजना की विस्तृत समीक्षा की।
शारदा कॉरिडोर विकास परियोजना का उद्देश्य लगभग 200 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का समग्र विकास करना है, जिससे यह क्षेत्र धार्मिक, सांस्कृतिक, पर्यटन एवं पर्यावरणीय दृष्टि से सशक्त और आकर्षक बन सके।
मुख्यमंत्री ने परियोजना के अंतर्गत प्रस्तावित 38 प्रमुख कार्यों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की और अधिकारियों को कार्यों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शिता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इन कार्यों में शारदा घाट का पुनर्विकास, सिटी ड्रेनेज प्लान-1, रणकोची माता मंदिर का पुनरुद्धार, बनबसा में हेलीपोर्ट का विकास, चूका से चल्थी माउंटेन बाइक ट्रेल निर्माण, बनबसा में अंतरराष्ट्रीय सीमा बाजार का विकास, श्रद्धा पथ नदी तट का सौंदर्यीकरण, शारदा रिवर फ्रंट के लिए मास्टर प्लान और एयरो स्पोर्ट्स सुविधाओं का सृजन शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण एवं हस्तांतरण कार्य को प्राथमिकता दें और निर्धारित समयांतराल में निष्पादन सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माण कार्यों में पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और पारंपरिक संस्कृति एवं स्थापत्य शैली के अनुरूप डिजाइन तैयार करें। उन्होंने कार्यदायी संस्था को क्षेत्र में कार्यालय स्थापित करने के भी निर्देश दिए ताकि निर्माण कार्यों में तेजी आए और अनावश्यक विलंब न हो।
श्री धामी ने कहा कि भविष्य में लोहाघाट स्थित विवेकानंद सर्किट का विकास एवं माँ बाराही धाम को आध्यात्मिक ज़ोन के रूप में विकसित करने की दिशा में भी कार्य किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य टनकपुर की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक पहचान को सहेजते हुए, पर्यटन, पर्यावरण एवं श्रद्धालुओं के अनुभव को और बेहतर बनाना है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना रोजगार संवर्धन एवं लोगों के जीवन स्तर सुधारने का माध्यम बनेगी।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित