पालमपुर , दिसंबर 08 -- पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता शांता कुमार ने केंद्र सरकार द्वारा उनकी वर्षों पुरानी मांग को अंततः स्वीकार करने पर संतोष व्यक्त किया है। यह मांग हजारों करोड़ रुपये की उन राशियों से संबंधित है जो विभिन्न बैंकों और संस्थानों में दशकों से बिना दावे के पड़ी हुयी है।
श्री शांता कुमार ने यूनीवार्ता को बताया कि भारत सरकार ने इस तथ्य को स्वीकार कर लिया है कि कई हजार करोड़ रुपये की भारी राशि दशकों से बिना दावे के पड़ी हुयी है। उन्होंने कहा, "यह राशि केवल बैंकों में ही नहीं, बल्कि कई अन्य संस्थानों में भी जमा है, जिनमें भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) भी शामिल है। सभी संस्थानों को मिलाकर कुल राशि लगभग दो लाख करोड़ रुपये है।"उन्होंने आगे कहा कि यह पैसा उन लोगों का है जिन्होंने इसे जमा किया था, लेकिन बाद में उनका देहांत हो गया और कई वर्षों तक कोई वैध दावेदार सामने नहीं आया। नतीजतन, इस जमा राशि पर अब किसी का कानूनी अधिकार नहीं रह गया है।
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