अमृतसर , मार्च 06 -- श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने भाई तारा सिंह जी वां के 300वें शहीदी दिवस को समर्पित धर्म प्रचार लहर शुरू करने से पहले, शुक्रवार को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के प्रचारकों, ढाडी और कविशरों के साथ एक विशेष बैठक की।

मीडिया से बात करते हुए जत्थेदार गड़गज्ज ने कहा कि शिरोमणि कमेटी द्वारा भाई तारा सिंह जी वां की शहीदी शताब्दी मनाने के लिए बड़े स्तर पर प्रयास किये गये हैं। इन प्रयासों के तहत विभिन्न गांवों से नगर कीर्तन तरनतारन जिले के गांव वां में एकत्रित होंगे, जहां 11 से 14 मार्च तक विशाल गुरमत धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे। उन्होंने घोषणा की कि 300वीं शहीदी शताब्दी समारोह के हिस्से के रूप में, नौ मार्च को श्री अकाल तख्त साहिब के संरक्षण में एसजीपीसी द्वारा "गुरसिखा इको प्यार गुरमिता पुता भाईआ" खालसई मार्च निकाला जाएगा। यह मार्च श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की छत्रछाया और पंज प्यारों के नेतृत्व में आयोजित होगा। यह विशेष नगर कीर्तन 9 मार्च को सुबह 9 बजे श्री अकाल तख्त साहिब से शुरू होगा और विभिन्न गांवों से गुजरते हुए दो रात्रि विश्राम के बाद 11 मार्च को गांव वां में संपन्न होगा।

जत्थेदार गड़गज्ज ने कहा कि इस मार्च का उद्देश्य सिख युवाओं को सिखी और सिख इतिहास से जोड़ना और उन लोगों तक गुरु की सच्ची शिक्षाएं पहुंचाना है जो धर्म परिवर्तन के कारण विमुख हो गये हैं। उन्होंने सिख संगत से इस नगर कीर्तन में बढ़-चढ़कर शामिल होने और सहयोग करने की अपील की।

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