लखनऊ , नवंबर 11 -- इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने नगर निगम लखनऊ जोन आठ के जोनल अधिकारी को राजधानी के रायबरेली रोड स्थित एक आवासीय कालोनी से कथित अतिक्रमण हटवाने की कारवाई करने का आदेश दिया है।

कोर्ट ने निर्देश दिया कि जोनल अधिकारी याची की व्यथा पर गौर करके रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन को भी सुनवाई का मौका देकर कालोनी की सार्वजनिक सड़कों पर से अतिक्रमण या वहां अगर कोई बाधा हो तो इसे हटवाने के लिए कदम उठाएं। कोर्ट ने कहा कि अगर कालोनी के सभी निवासियों को परेशानी हो रही हो तो सक्षम प्राधिकारी इसके लिए कारण सहित आदेश पारित कर सकते हैं।

न्यायमूर्ति संगीता चंद्रा और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की खंडपीठ ने यह आदेश राम प्रवेश निषाद की जनहित याचिका पर दिया। याची ने लखनऊ के शारदा नगर द्वितीय के उदयन द्वितीय वार्ड स्थित समृद्धि कालोनी की सड़कों, गेट समेत पार्क में अतिक्रमण होने से एम लोगों को हो रही परेशानी का मुद्दा उठाया था।

याची ने कहा कि इस अतिक्रमण से कालोनी के निवासियों को परेशानी हो रही है। ऐसे में अतिक्रमण को हटवाने के निर्देश देने का आग्रह किया। याची का कहना था कि अतिक्रमण हटवाने के लिए उसने पहले नगर आयुक्त समेत कालोनी की रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन को अर्जी दी थी, लेकिन इस पर कोई कारवाई नहीं हुई।

उधर, कोर्ट के पूछने पर नगर निगम के अधिवक्ता ने बताया कि इस मामले में अभी उन्हें नगर निगम से जानकारी(निर्देश) नहीं मिली है लेकिन याचिका से लगता है कि याची ने इसमें उचित व्यथा उठाई है। उन्होने कहा कि कालोनी के ले आउट प्लान के मद्देनजर याची की व्यथा पर गौर किया जाएगा। इसपर, कोर्ट ने जोनल अधिकारी को निर्देश देकर याचिका निस्तारित कर दी।

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