सूरत , दिसंबर 13 -- गुजरात के सूरत में आयोजित अखिल भारतीय 'मेयर्स परिषद' की 116वीं कार्यकारिणी बैठक के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अध्यक्ष के तौर पर शनिवार को संबोधित करते हुए कहा कि 2025 के इस 'शहरी विकास वर्ष' में शहरों की स्वच्छता तथा फ्यूचरिस्टिक डेवलपमेंट (भविष्योन्मुखी विकास) में तेजी आयी है।

इसमें शहरी विकास एवं वित्त मंत्री कनुभाई देसाई, देश के 16 राज्यों के महानगरों के महापौर तथा परिषद के पदाधिकारी सहभागी हुए। श्री पटेल ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शहरीकरण की चुनौतियों को अवसर में बदलकर गुजरात में वर्ष 2005 में शहरी विकास वर्ष के माध्यम से मॉडर्न अर्बन डेवलपमेंट मॉडल की शुरुआत की थी।

श्री पटेल ने जोड़ा कि वेल प्लांड सिटी डेवलपमेंट के लिए बेसिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के निर्माण को इसके परिणामस्वरूप गति मिली और 2005 के 'शहरी विकास वर्ष' की दो दशक की सफलता के चलते राज्य सरकार ने भी वर्ष 2025 को 'शहरी विकास वर्ष' के रूप में मनाया। 2025 के इस 'शहरी विकास वर्ष' में शहरों की स्वच्छता तथा फ्यूचरिस्टिक डेवलपमेंट में तेजी आयी है।

मुख्यमंत्री ने 'मेयर्स परिषद' में शहरी विकास योजनाओं और लोगों के ईज ऑफ लिविंग में वृद्धि करने वाली गुजरात के इनिशिएटिव्स की प्रभावशाली प्रस्तुति की। इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन से शहरों के सर्वग्राही विकास के लिए 'स्वर्णिम जयंती मुख्यमंत्री शहरी विकास योजना' की पहल गुजरात ने की है। इस योजना में भौतिक सुविधाएं, सामाजिक आधारभूत संरचना के साथ अर्बन ग्रीन मोबिलिटी, 'मुख्यमंत्री शहरी सड़क योजना' को प्राथमिकता देने से ईज ऑफ लिविंग बढ़ा है।

उन्होंने विकसित गुजरात की भूमिका को दर्शाते हुए कहा कि 2047 तक 'विकसित भारत' के प्रधानमंत्री के लक्ष्य को पूरा करने में गुजरात को अग्रसर बनाए रखने के लिए 'अर्निंग वेल-लिविंग वेल' मंत्र के साथ 'विकसित गुजरात एट2047' का रोडमैप तैयार किया है।

इस अवसर पर शहरी विकास तथा वित्त मंत्री कनुभाई देसाई ने उपस्थित सभी महापौरों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि शहरीकरण की चुनौती को अवसर मानकर जल प्रबंधन, स्वच्छता, शिक्षा, आवास, सीवेज और ग्रीन एनर्जी सहित के कार्य करने से निश्चित रूप से सुसंचालित नगर नियोजन किया जा सकता है। उन्होंने जोड़ा कि पूरे देश में ग्रीन एनर्जी राज्य के रूप में तेजी से आगे बढ़ते हुए प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई सोलर योजना में गुजरात की उपलब्धि अब अन्य राज्यों के लिए प्रेरणास्वरूप बनी है।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात ने 48 प्रतिशत शहरीकरण का लक्ष्य हासिल किया है तथा वर्ष 2047 तक 75 प्रतिशत के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में गुजरात तेजी से आगे बढ़ रहा है।

'अखिल भारतीय मेयर्स परिषद' की राष्ट्रीय अध्यक्ष रेणूबाला गुप्ता ने अपने प्रासंगिक संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में गुजरात ने पूरे देश को विकास का एक नया मार्ग दिखाया है तथा गुजरात को देश के लिए रोल मॉडल बनाया है, जिससे अन्य नगरों के महापौरों को स्वच्छ, स्मार्ट और सुविधासंपन्न नगर के विकास के लिए मार्गदर्शन मिलेगा।

प्रासंगिक संबोधन में 'अखिल भारतीय मेयर्स परिषद' के महामंत्री आशुतोष ने परिषद की स्थापना, कार्यों और उद्देश्यों के बारे में जानकारी दी तथा शहरी विकास में परिषद के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।

इस अवसर पर महापौर दक्षेशभाई मावाणी ने कहा कि सूरत ने स्वच्छता, जल प्रबंधन और स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में कई राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त किए हैं। उन्होंने जोड़ा कि विकास के निरंतर नए आयामों के साथ आगे बढ़ता सूरत देश के कई शहरों के लिए सकारात्मक सुधारों के माध्यम से अन्य शहरों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा।

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